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विद्रोहियों के हमलों में आठ की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर और नगालैंड में विद्रोहियों के हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को मणिपुर में विद्रोहियों ने चार सुरक्षाबलों के जवानों की गोली मार कर हत्या कर दी. इस हमले में छह अन्य घायल हो गए हैं. ख़बरों के अनुसार मरनेवाले लोगों की संख्या सात तक हो सकती है. पुलिस का कहना है कि मणिपुर के बहुसंख्यक मैती समुदाय का प्रतिनिधित्व करनेवाले एक अलगाववादी गुट के सदस्यों ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के जवानों पर हमला किया. ये हमला मणिपुर के उत्तरी जिले सेनापति में किया गया. अधिकारियों को इन हमलों के पीछे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ऑफ़ कांग्लेपाक का हाथ होने का शक है. ग़ौरतलब है कि मणिपुर में कई विद्रोही संगठन सक्रिय हैं. उनमें से बहुत से संगठन भारत सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि वो संसाधनों का दोहन तो करती है पर पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास की अनदेखी करती है. एक अन्य हमले में पड़ोसी राज्य नगालैंड की राजधानी कोहिमा में दो हथियारबंद लोगों ने दो छात्र नेताओं और नेशनल कॉउंसिल ऑफ़ नगालैंड (एनएससीए) के दो नेताओं की गोलीमार कर हत्या कर दी. एनएससीएन के एक प्रवक्ता ने इस हमले के लिए एक प्रतिद्वंद्वी संगठन को ज़िम्मेदार ठहराया है. | इससे जुड़ी ख़बरें मणिपुर में 'कट्टरपंथी' गिरफ़्तार20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस विधायकों के घर से अलगाववादी गिरफ़्तार17 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस पत्रकारों ने किया विद्रोहियों का विरोध02 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस मणिपुर में छह पुलिस जवानों की मौत09 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस नगालैंड में पाँच विद्रोहियों की हत्या10 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विरोधी नगा गुटों में संघर्ष, 10 मारे गए17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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