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निलंबन अन्यायपूर्ण: पाकिस्तान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने राष्ट्रमंडल देशों के संगठन से अपने निलंबित को अनुचित और अन्यायपूर्ण बताया है. पाकिस्तान में लागू आपातकाल के कारण उसे राष्ट्रमंडल देंशों से निलंबित किया गया है. युगांडा में राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं की बैठक शुक्रवार से शुरु हो रही है. बैठक शुरु होने से पहले राष्ट्रमंडल देशों के विदेश मंत्रियों के एक ग्रुप ने तय किया कि जब तक पाकिस्तान में लोकतंत्र की बहाली नहीं होती तब तक उसे संगठन से निलंबित रखा जाएगा. राष्ट्रमंडल के महासचिव डॉन मैकिनॉन ने कहा कि पाकिस्तान को 'लोकतंत्र और संविधान की बहाली करने में देरी किए जाने के कारण ' राष्ट्रमंडल की सदस्यता से निलंबित किया गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रमंडल देशों का संगठन ये नहीं समझ पाया है कि देश कितने गंभीर अंदरूनी संकट से जूझ रहा है. अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत महमूद अली दुरानी ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तान की सरकार इमरजेंसी को हटाने के बारे में प्रतिबद्ध है. उधर भारत ने इस फ़ैसले के बाद उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान में जल्द ही स्थिरता और लोकतंत्र कायम होगा. कंपाला में भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने पत्रकारों को बताया, "हमने राष्ट्रमंडल के विदेश मंत्रियों के ग्रुप के फ़ैसले को नोट किया है. हमारी उम्मीद है कि पाकिस्तान में जल्द ही स्थिरता और लोकतंत्र कायम होगा." आम सहमति मैकिनॉन ने कहा, "हम सभी के लिए यह स्पष्ट था कि गेंद अब पाकिस्तान के पाले में है. उसे ऐसे बदलाव करने होंगे जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से उनके हित में हों ताकि वो सदस्य के तौर पर एक बार फिर राष्ट्रमंडल में शामिल हो सके." मैकिनॉन ने कहा कि 53 सदस्यीय राष्ट्रमंडल ने आम सहमति से पाकिस्तान को निलंबित करने का फ़ैसला लिया है. ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड मिलबैंड ने कहा, "यह फ़ैसला दुख से लिया गया है गुस्से में नहीं. हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान में जल्दी ही लोकतंत्र की बहाली होगी." दस दिन पहले राष्ट्रमंडल ने पाकिस्तान को आपातकाल हटाने के लिए दस दिनों का समय दिया था जिसके बाद अब पाकिस्तान को निलंबित करने का फ़ैसला किया गया है. मुशर्रफ़ ने तीन नवंबर को देश में आपातकाल लगा दिया था और कहा था कि उन्होंने ' राष्ट्रहित ' में यह फ़ैसला लिया है. पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से चरमपंथी घटनाएं बढ़ी थीं और साथ ही राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों में भी तेज़ी आई थीं. ऐसा दूसरी बार है जब पाकिस्तान को राष्ट्रमंडल से निलंबित किया गया है. इससे पहले 1999 में जब मुशर्रफ़ ने सैनिक तख़्तापलट के ज़रिए सत्ता अपने हाथ में ली थी तब भी पाकिस्तान को निलंबित किया गया था. बाद में 2004 में पाकिस्तान को उसकी सदस्यता वापस मिल गई थी. न्यायाधीशों की बहाली इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त लुइस आर्बर ने कहा था कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को उन न्यायाधीशों की बहाली करनी चाहिए जिन्हें आपातकाल के दौरान बर्ख़ास्त किया गया है. उनका कहना था कि अगर इन न्यायाधीशों को बहाल नहीं किया जाता तो पाकिस्तान में एक ऐसा लोकतंत्र विकसित होगा जहाँ सारे न्यायाधीश सरकार के दबाव में आ जाएँगे. आर्बर का बयान ऐसे समय में आया है जब गुरुवार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के राष्ट्रपति के रुप में दोबारा चुने जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया था. मुशर्रफ़ ने कहा है कि वो जल्दी ही सेनाध्यक्ष का पद त्याग देंगे. मुशर्रफ़ ने ये भी कहा है कि जनवरी में चुनावों के बाद वो पूरी कोशिश करेंगे कि आपातकाल हटा दिया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मुशर्रफ़ एक दिसंबर तक वर्दी छोड़ेंगे'15 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर भुट्टो की नज़रबंदी ख़त्म16 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु हथियार सेना के पास ही सुरक्षित17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस इमरजेंसी हटाएँ, क़ैदियों को रिहा करें18 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ को राहत, विरोध-याचिकाएँ ख़ारिज19 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस निलंबन अन्यायपूर्ण: पाकिस्तान22 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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