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परमाणु हथियार सेना के पास ही सुरक्षित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ का कहना है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार तब तक सुरक्षित हैं जब तक वे सेना के नियंत्रण में हैं. उन्होंने ये भी कहा है कि यदि देश में जनवरी में प्रस्तावित चुनाव अस्थिरता के माहौल में होते हैं तो ये ख़तरा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार असुरक्षित हाथों में जा सकते हैं. महत्वपूर्ण है कि उन्होंने ये तब कहा है जब अमरीकी विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपॉंटे राष्ट्रपति मुशर्रफ़ समेत अन्य अधिकारियों से बातचीत करने के लिए पाकिस्तान पहुँच गए हैं. बीबीसी के साथ बातचीत मेंम राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने विपक्ष की प्रमुख नेता बेनज़ीर भुट्टो के चुनाव जीतने की संभावना को ख़ारिज किया है और उनकी कड़ी आलोचना की है. 'क्या मैं पागल हो गया...?' बेनज़ीर भुट्टो पर तीख़े प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि दरअसल भुट्टो चुनावों से डरती हैं क्योंकि उनकी पार्टी का जनता के बीच आधार नहीं है और वे जानती हैं कि वे चुनाव हार जाएँगी. इमरजेंसी लगाने पर पश्चिमी देशों के मीडिया में हो रही उनकी आलोचना पर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ का कहना था, "क्या मैं पागल हो गया...? या फिर क्या अचानक मेरा व्यक्तित्व बदल गया? क्या मैनें कोई असंवैधानिक काम किया है? हाँ, मैनें तीन नवंबर को ऐसा किया, लेकिन इससे पहले क्या मैनें ऐसा कुछ किया? एक बार भी नहीं." उन्होंने बीबीसी के साथ अपनी बातचीत में कहा, "राजनीतिक और लोकतांत्रिक प्रकिया को पटरी से उतारने की कौन कोशिश कर रहा है? क्या मैं ऐसा कर रहा हूँ? या फिर सुप्रीम कोर्ट में मौजूद कुछ लोग - मुख्य न्यायाधीश और उनके दरबारी ऐसा कर रहे हैं...और अब राजनीतिक क्षेत्र में मौजूद कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं?" पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "बेनज़ीर पश्चिमी देशों की चहेती हो सकती हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं चाहेंगी क्योंकि उनकी पार्टी जीतने की स्थिति में नहीं है." उनका कहना था, "इसीलिए मैं चुनाव ज़रूर करावाऊँगा, चाहे वे कोई भी विरोध अभियान चलाएँ. हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे." हालांकि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने चुनाव करवाने की घोषणा कर दी है लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि इमरजेंसी हटाए बिना चुनाव का कोई अर्थ नहीं है. नेग्रोपॉंट ने बेनज़ीर से बात की उधर पाकिस्तान पहुँचे अमरीकी विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपॉंटे राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ से मौजूदा राजनीतिक संकट पर चर्चा करेंगे. उनके पहुँचने से पहले जनरल मुशर्रफ़ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो सहित कई विपक्षी नेताओं की नज़रबंदी हटा ली है. नेग्रोपॉंट ने बेनज़ीर भुट्टो से फ़ोन पर चर्चा की है. अमरीकी विदेश मंत्रालय के अनुसार बेनज़ीर भुट्टो ने इमरजेंसी हटाने की अपनी माँग दोहराई है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेग्रोपॉन्टे ने बेनज़ीर से बात की16 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सूमरो कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने16 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर भुट्टो की नज़रबंदी ख़त्म16 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सत्ता में भागीदारी पर कोई बातचीत नहीं'12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस भरोसेमंद हैं मुशर्रफ़ः बुश11 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान की राजनीतिक रस्साकशी10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को कॉमनवेल्थ की धमकी12 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना 'पाकिस्तान कॉमनवेल्थ में रहे या नहीं'?12 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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