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सूमरो कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में मोहम्मद मियाँ सूमरो ने शुक्रवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है. उन्हें और उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने शपथ दिलाई. सिंध प्रांत के एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से संबंध रखने वाले सूमरो कई अंतरराष्ट्रीय बैंकों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं और कहा जा रहा है कि जनवरी में होने वाले संसदीय चुनावों तक इस पद पर रहेंगे. मोहम्मद मियाँ सूमरो ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद कहा कि मौजूदा नीतियों को आगे बढ़ाना, सुरक्षा, क़ानून और व्यवस्था को बनाए रखना और स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी. मोहम्मद मियाँ सूमरो ने कहा कि कार्यवाहक सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम चुनावों के लिए अनुकूल माहौल रहे और इस बारे में सरकार चुनाव आयोग की हर सहायता करेगी. जब सूमरो से यह सवाल पूछा गया कि आपातकाल के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों के बारे में उनका क्या कहना है तो उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय स्वतंत्र चुनाव कराने के लिए अपने सुझाव देने चाहिए. मोहम्मद मियाँ सूमरो ने कहा, "हम सबको अपने चुनाव घोषणा-पत्रों पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि लोगों को सड़कों पर इकट्ठा किया जाए क्योंकि इससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा और बेरोज़गारी बढ़ेगी." उन्होंने यह भी कहा कि वह देश में शांति और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विपक्ष से सहयोग की उम्मीद रखते हैं. मोहम्मद मियाँ सूमरो ने कहा, "मेरी गुज़ारिश है कि कोई भी क़ानून का उल्लंघन ना करे क्योंकि अगर हर कोई यही करने लगेगा तो देश में शांति, सुरक्षा और अच्छा माहौल कैसे बनाए रखा जा सकता है." प्रतिक्रिया पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने कार्यवाहक सरकार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. लाहौर में शुक्रवार को नज़रबंदी से बाहर आने के कुछ ही घंटों बाद बेनज़ीर भुट्टो ने कहा कि नई कार्यवाहक सरकार राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की सत्तारूढ़ पार्टी की ही नए चेहरे वाली सरकार है.
बेनज़ीर भुट्टो ने कहा, "जब वो कुछ नेताओं को हटाते हैं और उनके स्थान पर दूसरे नेताओं को बिठाते हैं और लोगों की मुश्किलें बढ़ाते हैं और कहते हैं कि यही सही रास्ता है... नहीं, हम हम कहते हैं कि ऐसा नहीं है. हम इस फ़ैसले को ख़ारिज करते हैं." पाकिस्तान की नेशनल असेंबली पंद्रह नवंबर को कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग हो गई थी और शौक़त अज़ीज़ ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. इससे पहले मोहम्मद मियाँ सूमरो संसद के ऊपरी सदन सीनेट के चेयरमैन थे और गुरूवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उनको देश का कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया था. महत्वपूर्ण है कि ये शपथ ग्रहण अमरीकी विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपांटे के पाकिस्तान पहुँचने से कुछ ही देर पहले हुआ है. वह अपने पाकिस्तान दौरे में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और अन्य पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत करेंगे. 'असल लोकतंत्र' इस्लामाबाद में सूमरो और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में अपने भाषण में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि वे पाकिस्तान में असल लोकतंत्र लाए हैं. उन्होंने कहा, "वर्दी पहने हुए, मैं पाकिस्तान में लोकतंत्र का निचोड़ लेकर आया हूँ. हमें अपनी इस लोकतांत्रिक यात्रा पर गर्व होना चाहिए. पिछली सरकार से नई सरकार की यात्रा इतने सौहार्दपूर्ण माहौल में हो रही है. यही असल लोकतंत्र है." उनका दावा था कि पाकिस्तान पिछले सात साल में हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है और अब उसकी गिनती देश में सबसे तेज़ गति से विकास कर रहे देशों में होती है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने महिलाओं और अल्पसंख्यकों को और अधिकार देने, मीडिया को आज़ादी देने और पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क़ायम करने का भी दावा किया. |
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