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पश्चिम बंगाल में बंद से जनजीवन अस्तव्यस्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में हिंसा के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के बुधवार को 12 घंटे के बंगाल बंद से राज्यभर में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. राज्य में बाज़ार, दुकानें और शिक्षण संस्थाएँ बंद रहीं. विमान सेवाएँ सामान्य रहीं, जबकि कुछ स्थानों पर रेल यातायात बाधित हुआ. समाचार एजेंसियों के अनुसार पुलिस ने बंद का समर्थन कर रहे लगभग 150 लोगों को गिरफ़्तार किया है. राजधानी कोलकाता समेत प्रदेश में दूसरे स्थानों पर अधिकतर बसें, टैक्सियां, निजी कारें और ऑटो रिक्शा सड़कों पर नहीं चले, हालाँकि कुछ सरकारी बसें और ट्राम चल रहे हैं. विरोध में बंद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम में जारी हिंसा के विरोध में और राशन की दुकानों में हो रही कथित धाँधली को उजागर करने के मक़सद से राज्यव्यापी हड़ताल का आहवान किया था. कोलकाता में तृणमूल समर्थक बड़ी संख्या में चौराहों और प्रमुख सरकारी भवनों के सामने इकट्ठा हुए, लेकिन दुकानों और कार्यालयों के पहले से ही बंद होने के कारण उन्हें कुछ ख़ास नहीं करना पड़ा. पश्चिम बंगाल पुलिस के प्रवक्ता राज कनोजिया ने संवाददाताओं को बताया कि कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाओं को छोड़ बंद शांतिपूर्ण रहा. सियालदाह और हावड़ा खंड में रेल यातायात में बाधा डालने की कुछ ख़बरें मिली है. इसके अलावा हुग़ली और दक्षिणी 24 परगना ज़िलों में भी कुछ ट्रेनें रोकी गईं. सूचना तकनीकी (आईटी) क्षेत्र को बंद से मुक्त रखा गया था. राज्य में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे और संवेदनशील स्थानों पर रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों के तैनात किया गया था. कोलकाता हवाई अड्डे से विमानों की आवाजाही सामान्य रही. हालाँकि बंद के असर को भांपते हुए यात्री बंद शुरू होने से बहुत पहले ही हवाई अड्डे पहुँच गए थे. लेकिन कोलकाता पहुँचने वाले यात्रियों को अपने घरों और होटलों तक पहुँचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा. बवाल नंदीग्राम इस साल के शुरू से ही ख़बरों में रहा है. वहाँ पर राज्य सरकार ने रसायन उद्योगों की स्थापना के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) बनाने की योजना बनाई थी लेकिन इसके लिए जब भूमि अधिग्रहण शुरू हुआ तो स्थानीय लोगों ने ज़बर्दस्त विरोध किया था. 14 मार्च को पुलिस ने विरोध कर रहे स्थानीय लोगों पर फ़ायरिंग की थी जिसमें 14 लोग मारे गए थे. उस घटना के बाद राज्य सरकार ने एसईज़ेड की योजना को कहीं और स्थानांतरित करने की घोषणा कर दी. हालाँकि उसके बावजूद नंदीग्राम में विपक्षी तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी माकपा समर्थकों के बीच झड़पें होती रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नंदीग्राम में हिंसा भड़की, दो मारे गए28 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस सिंगूर में फिर भड़की हिंसा, 20 घायल20 मई, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम मामले पर सरकार को हिदायत03 मई, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम में सौ से ज़्यादा लापता17 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम की घटना 'दुखद' : प्रधानमंत्री21 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नंदीग्राम का मुद्दा फिर गरमाया19 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादियों के बंद से जनजीवन प्रभावित20 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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