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कोयंबटूर धमाके: नौ और को उम्रक़ैद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के कोयंबटूर में 1998 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में गुरुवार को नौ और लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई. इससे पहले बुधवार को मुख्य अभियुक्त एसए बाशा समेत 31 लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई जा चुकी है. इस मामले में 168 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. एक व्यक्ति सरकारी गवाह बन गया जबकि एक अन्य की हिरासत में मृत्यु हो गई. अदालत ने इसी साल एक अगस्त को 168 अभियुक्तों में से 70 को दोषी क़रार दिया था. ये लोग लगभग 10 साल से जेल में हैं. 14 फ़रवरी 1998 को भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी की चुनावी रैली से कुछ ही देर पहले हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 58 लोग मारे गए थे और 250 से अधिक लोग घायल हो गए थे. सज़ा न्यायमूर्ति के उतिरापति ने गुरुवार को इस मामले में आगे सज़ा सुनाई. उन्होंने नौ लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई. इनमें से छह लोगों को उम्रक़ैद की दोहरी सज़ा सुनाई गई है जबकि तीन लोगों को सिर्फ़ एक उम्रक़ैद की सज़ा दी गई है. बुधवार को एसए बाशा को भी सज़ा सुनाई गई थी. बाशा प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन अल उम्मा के संस्थापक नेता हैं. विशेष अदालत ने अल उम्मा के महासचिव मोहम्मद अंसारी को भी आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी. ग़ौरतलब है कि 14 फ़रवरी 1998 को भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कोयंबटूर में चुनावी रैली को संबोधित करना था. उनकी रैली से कुछ ही देर पहले हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 58 लोग मारे गए थे और 250 से अधिक लोग घायल हो गए थे. पुलिस ने अपनी जाँच में प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन अल उम्मा को धमाकों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था. पुलिस का कहना था कि ये सिलसिलेवार बम धमाके 1997 में नवंबर-दिसंबर में हुए सांप्रदायिक दंगों की कड़ी थे. 29 नवम्बर 1997 को ट्रैफ़िक कॉंस्टेबल सेल्वराज की हत्या के बाद कोयंबटूर में दंगे भड़क उठे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें कोयंबटूर धमाकों के लिए 31 को उम्रक़ैद24 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कोयम्बटूर धमाकों में बाशा दोषी करार01 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस पर्यटक बस में धमाका, सात की मौत29 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस बेअंत हत्याकांड में छह लोग दोषी क़रार27 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस ग्रेनेड हमले में नौ अमरनाथ यात्री घायल 21 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस असम में धमाका, तीन लोगों की मौत20 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'मस्जिद की ख़ातिर मरने के लिए तैयार थी'19 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस बंद के दौरान जन-जीवन अस्त-व्यस्त31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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