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बंद के दौरान जन-जीवन अस्त-व्यस्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण रोकने के अदालती फ़ैसले के ख़िलाफ़ तमिलनाडु में घोषित बंद के दौरान जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा. राज्य में सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन ने बंद का आह्वान किया था जिसे राज्य के लगभग सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया. बंद के कारण सुबह छह बजे से शाम के छह बजे तक राज्य का हवाई और रेल संपर्क देश के शेष हिस्सों से कटा रहा. सड़कों पर सार्वजनिक वाहन नहीं चले और दुकानें भी बंद रहीं. यहाँ तक कि आईटी कंपनियों ने भी आज छुट्टी घोषित कर दी थी. कोयम्बटूर स्थित औद्योगिक केंद्र में भी वीरानी छाई रही क्योंकि अधिकतर कर्मचारी नहीं आए. राज्य के मुख्य सचिव एलके त्रिपाठी ने कहा कि बंद के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. टेलीफ़ोन, बिजली, पानी, दूध और चिकित्सा सुविधाओं को इस बंद से अलग रखा गया. उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फ़ीसदी आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फ़ैसले को आगामी शैक्षणिक सत्र में लागू करने पर रोक लगा दी है. लेकिन सरकारी बसें बंद हैं और राजनीतिक दलों ने अपील की है कि निजी यातायात व्यवस्था भी बंद रखी जाए. हालाँकि एहितायती तौर पर पुलिसकर्मी अभी भी गश्त लगा रहे हैं. राज्य सरकार ने बंद को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में 16 हज़ार से भी अधिक पुलिस बलों की तैनाती की है. संसद सत्र की माँग इससे पहले सत्तारूढ़ गठबंधन ने अदालती आदेश से उपजी परिस्थितियों पर चर्चा के लिए संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने की माँग की थी. इसके अलावा तमिलनाडु विधानसभा ने इस सिलसिले में शुक्रवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें केंद्र सरकार से आरक्षण के मुद्दे पर 'उचित फ़ैसले' लेने की अपील की गई. सदन में यह प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से संसदीय अधिकारों पर असर पड़ा है और यह सामाजिक-शैक्षणिक रुप से पिछड़े वर्गों के हित में नहीं है. वैसे इस फ़ैसले को लेकर आँध्रप्रदेश विधानसभा में भी हंगामा मचा था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'आरक्षण पर संसद सत्र बुलाया जाए'30 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'पिछड़ों' को आरक्षण पर फिलहाल रोक29 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस फ़ैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ29 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस आरक्षण विधेयक लोकसभा से पारित 14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पेश 04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं'03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सच्चर रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई17 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सरकारी नौकरियों में 'पिछड़े' मुसलमान10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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