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असम में धमाका, तीन लोगों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में शुक्रवार को हुए एक बम धमाके में कम से कम तीन लोग घटनास्थल पर ही मारे गए. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस विस्फोट में 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं जिनमें से से चार की हालत नाज़ुक है. असम-पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित श्रीरामपुर टोल नाके पर ज़ोरदार धमाका हुआ. मारे गए लोगों में एक हिंदीभाषी व्यापारी रूपल शाह हैं जबकि दूसरे बांग्लाभाषी व्यक्ति का नाम मोहम्मद अब्दुल है, तीसरे मृत व्यक्ति की शिनाख़्त नहीं हो पाई है. असम के पुलिस प्रमुख आरएन माथुर ने इस धमाके के लिए अलगाववादी संगठन अल्फ़ा को ज़िम्मेदार ठहराया लेकिन इस पर अभी तक अल्फ़ा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. असम में इस वर्ष की शुरूआत से लेकर अब तक जारी बम धमाकों के लिए अल्फ़ा को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है, इस वर्ष अब तक 60 से अधिक लोग बम धमाकों में मारे जा चुके हैं. इसके अलावा, हिंदी भाषी लोगों को राज्य छोड़कर जाने की धमकी दी गई है और उनके ख़िलाफ़ हिंसा की घटनाएँ चलती रहती हैं, इस वर्ष अब तक 60 हिंदीभाषी मज़दूर अलगाववादी चरमपंथियों का निशाना बन चुके हैं. पिछले कुछ समय से अल्फ़ा के विद्रोहियों का एक गुट बांग्लाभाषी मुसलमानों की अधिक आबादी वाले इलाक़ों में बम विस्फोट कर रहा है. इस गुट के नेता प्रबाल नियोग ने बांग्लाभाषी मुसलमानों को राज्य छोड़कर चले जाने को कहा है क्योंकि उनकी नज़र में "वे बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें असम में बम विस्फोट, सात मारे गए26 मई, 2007 | भारत और पड़ोस असम के हिंदी भाषियों की पीड़ा24 मई, 2007 | भारत और पड़ोस असम में विस्फोट, 13 लोग घायल21 मई, 2007 | भारत और पड़ोस असम में तीन और हिंदीभाषियों की हत्या16 मई, 2007 | भारत और पड़ोस असम में बम विस्फोट, 15 घायल04 मई, 2007 | भारत और पड़ोस असम में वरिष्ठ अधिकारी का अपहरण18 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस असम की हज़ारों लापता महिलाओं की कहानी11 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस असम में आठ अलगाववादी मारे गए10 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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