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सरकार ने बेनज़ीर की माँग ख़ारिज की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की उस अपील को ख़ारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कराची में अपने काफ़िले पर हुए हमले की जांच में विदेशी जांचकर्ताओं की मदद लेने की मांग की थी. बेनज़ीर जब पिछले हफ़्ते निर्वासित जीवन से वापस लौटीं तो कराची में उनके काफ़िले पर आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें 130 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे. पाकिस्तान के गृह मंत्री आफ़ताब ख़ान शेरपाओ ने कहा है कि कराची में हुए धमाकों की जांच बहुत निष्पक्ष तरीके से की जा रही है. इससे पहले रविवार को बेनज़ीर भुट्टो ने मांग की थी कि इस आत्मघाती हमले की जांच में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद ली जाए. बेनज़ीर ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तानी प्रशासन के लोग नहीं चाहते कि वो पाकिस्तान में रहें और उन्हीं में से कुछ लोगों ने हमला करवाया था. इससे पहले बेनज़ीर सोमवार को पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के मकबरे पर गईं. यह एक सांकेतिक दौरा था जिसके साथ ही निर्वासन से उनकी वापसी का अब अंत हुआ है. आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के साथ हुए समझौते के तहत उन्हें पाकिस्तान में क्या जगह दी जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें हमले की कई देशों ने कड़ी निंदा की19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'लोकतंत्र के लिए संघर्ष जारी रहेगा'19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथ से अकेले नहीं लड़ सकते'19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कराची में धमाकों का आँखों देखा हाल19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कराची के अस्पतालों में दर्दनाक मंज़र19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस भारत सरकार, पार्टियों ने निंदा की19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'तालेबान नहीं, सरकार के लोग ज़िम्मेदार'19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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