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'तालेबान नहीं, सरकार के लोग ज़िम्मेदार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ ज़रदारी ने कहा है कि स्वागत की रैली को निशाना बनाकर किए गए विस्फोटों के लिए सरकार में बैठे हुए लोग ज़िम्मेदार हैं. बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि इसके पीछे वही ताक़तें हैं जो नहीं चाहतीं कि पाकिस्तान में लोकतंत्र बहाल हो. उन्होंने इसके लिए परवेज़ मुशर्रफ़ को भी आड़े हाथों लिया. उल्लेखनीय है कि आठ साल बाद पाकिस्तान लौटीं बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले के पास हुए विस्फोट में 120 से भी अधिक लोगों के मारे जाने और लगभग 300 के घायल होने की ख़बरें हैं. बेनज़ीर भुट्टो और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरक्षित हैं. आसिफ़ ज़रदारी ने दुबई से फ़ोन पर हुई बातचीत में कहा है कि इस हमले के पीछे वही लोग हैं जिनकी हुकुमत ख़तरे में है. उन्होंने कहा कि इन हमलों के पीछे तालेबान नहीं हो सकते क्योंकि वे पहाड़ों में हैं और यहाँ की राजनीति में उनकी कोई रुचि नहीं है. उन्होंने कहा, "तालेबान को चीफ़ मिनिस्टर, प्राइम मिनिस्टर नहीं बनना है. वे क्रांति करना चाहते हैं और उन्हें इस ओर आने में पंद्रह बीस साल लगेंगे." यह पूछे जाने पर कि कौन लोग इसके पीछे हो सकते हैं, उन्होंने कहा, "इसके बारे में बेनज़ीर ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को ख़त लिखा था और आगाह किया था कि किन लोगों से ख़तरा हो सकता है." आसिफ़ ज़रदारी ने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि इस बार चुनाव टीवी के ज़रिए ही लड़े जाएँगे, सड़कों पर नहीं, क्योंकि ऐसी कोई एक घटना को अंज़ाम दे दिया जाएगा और लोगों के बीच माहौल ख़राब करने की कोशिश की जाएगी. यह पूछे जाने पर कि जब परवेज़ मुशर्रफ़ ने सलाह दी थी कि बेनज़ीर भुट्टो को अपना पाकिस्तान आना टाल देना चाहिए, तो क्या उन्हें इस हमले की आशंका थी, इस पर ज़रदारी ने कहा, "यह तो उन्हीं से पूछना चाहिए." उन्होंने कहा, "मेरा ख़याल है कि उनको सूट नहीं करता कि लोकतंत्र की एक ताक़तवर नेता जो पूरे देश में स्वीकार्य हैं, इस समय देश में हों." |
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