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हमले की निंदा, मरने वालों की संख्या 130 | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले पर हुए आत्मघाती हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है. गुरुवार देर रात इस काफ़िले पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 130 हो गई है. बड़ी संख्या में लोग घायल हैं. इस हमले में बेनज़ीर भुट्टो बच गईं. व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस हमले से पाकिस्तान में लोकतंत्र को रोका नहीं जा सकता. चीन ने देश में स्थिरता की अपील की है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी इस हमले की आलोचना की है और कहा है कि ये लोकतंत्र के ख़िलाफ़ साज़िश है. उन्होंने कहा कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा. आठ साल बाद गुरुवार को पाकिस्तान लौटीं बेनज़ीर भुट्टो को पहले ही ऐसे हमलों की चेतावनी दी गई थी. पाकिस्तान की सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी की थी. इसके बावजूद आत्मघाती हमला हुआ. बेनज़ीर भुट्टो को लेकर चल रहे ट्रक के भी शीशे टूट गए और एक दरवाज़ा उड़ गया लेकिन बेनज़ीर भुट्टो सुरक्षित हैं. पाकिस्तान के इतिहास में इस हमले को सबसे बड़े धमाकों में से एक माना जा रहा है. जब धमाका हुआ उस समय बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. धमाका इतना ज़बरदस्त था कि मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. आलोचना व्हाइट हाउस ने बेनज़ीर भुट्टो के काफ़िले पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. अमरीकी विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी करके इसे 'आतंकवादी हमला' कहा है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि चरमपंथी पाकिस्तान में लोकतांत्रिक तरीक़े से अपने प्रतिनिधियों को चुनने की प्रक्रिया को रोक नहीं सकते. अमरीकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि हमले की साज़िश रचने वाले लोग डर का माहौल पैदा करना चाहते हैं. मंत्रालय का कहना है कि अमरीका पाकिस्तान की जनता के साथ है जो लोकतंत्र और शांतिपूर्ण समाज में विश्वास रखते हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने इस हमले में मारे गए लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में राष्ट्रीय एकता की मज़बूती के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए. 'दुर्भाग्यपूर्ण घटना' ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने विस्फोटों को भयावह बताते हुए कहा है कि उनकी सरकार उन सभी लोगों के साथ मिलकर काम करेगी जो पाकिस्तान में शांति और लोकतंत्र की बहाली के लिए काम करना चाहते हैं.
फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सार्कोज़ी ने पाकिस्तानी प्रशासन से अपील की है कि वह चुनाव लड़ने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस हमले की निंदा की है. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. उनका कहना था कि उन्होंने बेनज़ीर भुट्टो से बात की है और शुक्र है कि वह सुरक्षित हैं. इस घटना पर उन्होंने कहा, "आत्मघाती हमले कोई पाकिस्तान के लिए भी अब कोई नई चीज़ नहीं हैं. जब विशेष अवसर हों तो सुरक्षा व्यवस्था भी विशेष तरह की होनी चाहिए." बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ ज़रदारी ने कहा है कि यह सरकार में बैठे उन लोगों का काम है जिनकी हुकुमत बेनज़ीर भुट्टो की वापसी से ख़तरे में आ रही है. |
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