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'ऊर्जा हासिल करने के हरसंभव प्रयास' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि आत्मनिर्भर होने के लिए भारत ऊर्जा उत्पादन करने और ऊर्जा हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत पर्यावरण को होने वाले नुक़सान और जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंतित है. संयुक्त राष्ट्र में जलवायु परिवर्तन पर एक सम्मेलन में बोलते हुए चिंदबरम ने विकासशील और विकसित देशों के सवाल भी उठाए. वित्तमंत्री चिदंबरम ने कहा कि औद्योगिक देश कार्बन गैसों का भारी मात्रा में उत्सर्जन करते हैं जिसका बोझ विकासशील देशों को सहना पड़ता है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "इसलिए सभी विकासशील देश के सामने बाध्यता है कि वे अपनी क्षमताएँ बढ़ाए और जलवायु परिवर्तन का सामना करें." भारत में प्रतिव्यक्ति सबसे कम कार्बन डायऑक्साइड उत्सर्जन की बात कहते हुए उन्होंने कहा है कि वह टिकाऊ विकास के प्रति प्रतिबद्ध है. भारत की ऊर्जा ज़रुरतों का ज़िक्र करते हुए कहा, "ऊर्जा विकास की कुंजी है और हमारी बाध्यता है कि हम ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा हासिल करने की सभा उपलब्ध संभावनाओं की तलाश करें." उन्होंने पर्यावरण रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धताओं का ज़िक्र करते हुए बताया कि किस तरह वाणिज्यिक वाहनों के लिए सीएनजी का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है और बायो-डीज़ल कार्यक्रम को सरकार बढ़ावा दे रही है. उन्होंने भारत द्वारा उठाए जा रहे दूसरे क़दमों का भी ज़िक्र किया. | इससे जुड़ी ख़बरें 'मानव गतिविधियों से बढ़ रहा है तापमान'25 सितंबर, 2007 | विज्ञान 'तेज़ी से फैल रही हैं बीमारियाँ'23 अगस्त, 2007 | विज्ञान चीन के सामने पर्यावरण की कठिन चुनौती08 मई, 2007 | विज्ञान बढ़ते पारे के लिए मानव ज़िम्मेदार02 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन से 'अफ़्रीका में संकट'29 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान तेज़ी से बढ़ रहा है समुद्री जल स्तर27 जनवरी, 2006 | विज्ञान अंटार्कटिका में मोटी होती बर्फ़ की परत22 मई, 2005 | विज्ञान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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