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बांग्लादेश के छह शहरों में कर्फ़्यू जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पों के बाद छह शहरों में लगाया गया कर्फ़्यू जारी है. सेना समर्थित सरकार ने शांति बनाए रखने की अपील की है. अधिकारियों ने बुधवार शाम अनिश्चितकालीन कर्फ़्यू लगाने का आदेश दिया था. हिंसा प्रभावित इलाक़ों में स्थित सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को भी अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ढाका विश्वविद्यालय परिसर से सेना हटाने के विरोध ने धीरे-धीरे व्यापर रुप अख़्तियार कर लिया और छात्र सेना समर्थित सरकार से आपातकाल हटाने की माँग करने लगे. इस बीच कर्फ़्यू के कारण स्थिति नियंत्रण में आई है. हिंसा पुलिस के मुताबिक बुधवार को कई विश्वविद्यालयों में झड़पें हुईं जिनमें सौ से अधिक लोग घायल हो गए और एक व्यक्ति की मृत्यु भी हो गई. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो शांति बनाए रखें और क़ानून न तोड़ें. जनवरी में आपातकाल लागू होने और सेना समर्थित सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही बढ़ती हिंसा सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है. छात्रों और पुलिस के बीच सोमवार को ढाका में झड़पें शुरु हुई थी और फिर चटगाँव समेत अन्य इलाक़ों में फैल गईं. संवाददाताओं का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन में समाज के अन्य तबके भी शामिल हो रहे हैं. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक झुग्गियों में रहने वाले लोग, दुकानदार, रिक्शा चालक और व्यापारियों ने छात्रों के साथ मिलकर प्रदर्शनों में हिस्सा लिया और पत्थर फेंके. अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान राजशाही कस्बे में एक रिक्शा चालक की मौत हो गई. | इससे जुड़ी ख़बरें ढाका विश्वविद्यालय से हटाई जाएगी सेना21 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस ढाका में पुलिस-छात्र संघर्ष, दर्जनों घायल20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश की स्थिति पर भारत की नज़र'16 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भारत से चली ट्रेन ढाका पहुँची08 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में प्रतिबंध हटाने का स्वागत25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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