|
ढाका विश्वविद्यालय से हटाई जाएगी सेना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश सरकार ने कहा है कि छात्रों के व्यपक विरोध और दंगों की स्थिति से निपटने के लिए सेना को ढाका विश्वविद्यालय परिसर से वापस बुला लिया जाएगा. पिछले दो दिनों से ढाका विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का सेना और पुलिस के जवानों के साथ संघर्ष हो रहा है जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए हैं. सोमवार को पुलिस और ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच शुरू हुए संघर्ष ने व्यापक विरोध के चलते दंगों का रूप ले लिया था. इस दौरान दोनों ओर से दर्जनों लोगों के घायल होने की ख़बर है. छात्र लगातार इस बात की माँग कर रहे हैं कि परिसर में तैनात सैनिकों को तत्काल वापस बुलाया जाए और देश में लागू आपातकाल ख़त्म किया जाए. बांग्लादेश सरकार ने इस स्थिति और छात्रों के व्यापक विरोध को देखते हुए अब फ़ैसला किया है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए बुधवार दोपहर तक सेना के जवानों को परिसर से वापस बुला लिया जाएगा. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक सोमवार को हुई झड़पों से 50 से भी ज़्यादा छात्र घायल हो गए थे. इसके बाद भी विरोध-प्रदर्शन का दौर थमा नहीं और दोनों ओर से हिंसक झड़पें होती रहीं. विवाद पुलिस के साथ इन छात्रों की झड़पें उस वक्त हुईं जब वे देश में आपातकाल हटाने और विश्वविद्यालय परिसर से सेना को बाहर निकालने की माँग कर रहे थे. भारी संख्या में छात्रों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और जगह-जगह रोक खड़ी करके आग लगाई. बदले में पुलिस ने भी बल प्रयोग किया, आँसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया. गड़बड़ की शुरुआत विश्वविद्यालय में चल रहे एक फ़ुटबॉल मैच के दौरान हुई. यह मैच सार्वजनिक प्रशासन विभाग और पत्रकारिता विभाग के छात्रों के बीच हो रहा था. इसी दौरान कुछ छात्रों और सेना के अधिकारियों के बीच कहा-सुनी हो गई. इसी के बाद सैनिक अधिकारियों ने कथित रूप से तीन छात्रों की पिटाई की और एक शिक्षक का अपमान किया जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. इसे रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया जिसके बाद हिंसा भड़क उठी. | इससे जुड़ी ख़बरें ढाका में पुलिस-छात्र संघर्ष, दर्जनों घायल20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस लेखिका तस्लीमा नसरीन से हाथापाई09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस भारत और बांग्लादेश के सचिवों की बैठक02 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश की स्थिति पर भारत की नज़र'16 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश में और गिरफ़्तारियाँ संभव'11 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस घर से नहीं निकल पाईं शेख़ हसीना15 जून, 2007 | भारत और पड़ोस हत्या के मामले में ख़ालिदा की जाँच05 जून, 2007 | भारत और पड़ोस फ़ख़रुद्दीन अहमद की तबीयत बिगड़ी03 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||