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'बांग्लादेश की स्थिति पर भारत की नज़र' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने बांग्लादेश में वरिष्ठ राजनेताओं की गिरफ़्तारी से उपजे हालात पर कहा है कि वह वहाँ की स्थितियों पर नज़र रखे हुए है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना से बांग्लादेश में वरिष्ठ राजनेताओं की ग़िरफ़्तारी पर सवाल किए जाने पर कहा कि एक अच्छे पड़ोसी के नाते भारत चाहता है कि बांग्लादेश शांतिपूर्ण, स्थिर और लोकतांत्रिक देश बना रहे. उन्होंने बांग्लादेश की ग़िरफ़्तार की गई नेता और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का नाम लिए बिना कहा कि भारत वहाँ की स्थितियों पर नज़र रखे हुए है. उन्होंने कहा कि भारत उम्मीद करता है कि बांग्लादेश के क़ानून के तहत ग़िरफ़्तार किए गए नेताओं के अधिकारों की रक्षा होगी और वहां प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि जो भी कार्रवाई हो रही है उससे बांग्लादेश के कानूनों का उल्लंघन नहीं हो. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से यह पूछे जाने पर की क्या इस प्रकार का रुख़ बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं होगा तो उनका कहना था कि भारत वहाँ की आंतरिक स्थितियों पर नज़र रखे हुए है और भारत के अपने विचार हैं. नवतेज सरना ने यह भी कहा कि भारत उम्मीद करता है कि बांग्लादेश द्वारा घोषित रोडमैप में संसदीय चुनावों से पहले चुनाव आयोग के पुनर्गठन और चुनावी कानूनों में सुधार पर अमल होगा ताकि जल्द से जल्द लोकतंत्र की फिर से बहाली हो सके. भारतीय विदेश मंत्रालय के इन बयानों को बांग्लादेश की स्थिति पर काफ़ी तीखी टिप्पणी के रूप में भी देखा जा सकता है और हो सकता है बांग्लादेश से भी इसका इतना ही तीखा जवाब आए. | इससे जुड़ी ख़बरें शेख़ हसीना को गिरफ़्तार किया गया16 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश में और गिरफ़्तारियाँ संभव'11 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भारत से चली ट्रेन ढाका पहुँची08 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस सरहद पार सिक्कों पर चढ़ती सान26 जून, 2007 | भारत और पड़ोस मुजीब हत्याकांड के अभियुक्त निष्कासित18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस घर से नहीं निकल पाईं शेख़ हसीना15 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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