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भारत से चली ट्रेन ढाका पहुँची | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और बांग्लादेश के बीच वर्ष 1965 के बाद यात्री रेल संपर्क कायम करते हुए एक रेलगाड़ी कोलकाता से भारतीय अधिकारियों को लेकर ढाका पहुँच गई है. भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ष 1965 में हुए युद्ध के बाद रेल संपर्क ख़त्म हो गया था. वर्ष 1971 में बांग्लादेश के बन जाने के बाद भी यात्री रेल संपर्क दोबारा जुड़ नही पाया. रविवार सुबह डीज़ल इंजन और पाँच नए कोच कोलकाता से बांग्लादेश की राजधानी ढाका तक की 500 किलोमीटर की यात्रा के लिए रवाना हुए और देर शाम ये ट्रेन ढाका पहुँची. ये 'मैत्री एक्सप्रेस' रेलगाड़ी का 'टेस्ट रन' है और रेलगाड़ी में फ़िलहाल आम यात्री तो नहीं लेकिन भारत सरकार के अधिकारी सवार थे. औपचारिक तौर पर यात्रियों का आने-जाने की तारीख़ अभी तय होनी है. इन भारतीय अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल ढाका के अधिकारियों से मिलेगा और नई सेवा की समयसूची तय करेगा. 1990 के दशक में कोलकाता और ढाका के बीच बस संपर्क तो शुरु हो गया लेकिन यात्री रेल संपर्क अब ही स्थापित हो पाया है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि बांग्लादेश से अनेक लोग चिकित्सा सुविधाओं के लिए और देस्तों-रिश्तेदारों से मिलने के लिए इस सेवा का इस्तेमाल कर पाएँगे. इस रेलगाड़ी पर सफ़र करने के लिए टिकट मात्र 400 रुपए होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में प्रतिबंध हटाने का स्वागत25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल के बयान पर पाकिस्तान नाराज़15 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश चुनाव पर हाईकोर्ट की रोक29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश की आज़ादी का सफ़र15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस ग़रीबी शांति के लिए ख़तरा: नोबेल विजेता11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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