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बांग्लादेश में प्रतिबंध हटाने का स्वागत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों - शेख हसीना और ख़ालिदा ज़िया पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने का विपक्षी दलों ने स्वागत किया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने बुधवार को दोनों पूर्व प्रधानमंत्रियों पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा दिए थे. विपक्षी दलों - आवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने इसे बांग्लादेश के आम नागरिकों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण जीत बताया है. बीबीसी संवाददाता के अनुसार सेना के समर्थन वाली अंतरिम सरकार को लोगों के 'मूड' का अंदाज़ा नहीं था. कुछ वरिष्ठ मंत्रियों का मानना था कि देश की इन दो प्रमुख नेताओं के निर्वासन से लोकतांत्रिक सुधारों की प्रक्रिया का पथ प्रशस्त होगा. जहाँ विदेश गईं शेख हसीन को ढाका लौटने से रोका गया वहीं ख़ालिदा ज़िया के परिवार के सदस्यों का कहना था कि उन्हें सऊदी अरब में निर्वासन में जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया था. लेकिन इस फ़ैसले का मीडिया, बुद्धिजीवियों, राजनीतिक दलों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी आलोचना हुई और अंतरिम सरकार को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ा. अब शेख हसीना विदेश से बांग्लादेश वापस आ सकती हैं और उन्हें ये बात बता दी गई है. इसके बाद अंतरिम सरकार ने इस बात का खंडन किया है. उधर बांग्लादेश के अख़बारों ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश की छवि धूमिल हुई है और सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें शेख हसीना के ख़िलाफ़ वारंट पर रोक23 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस लंदन से उड़ान नहीं भर पाईं शेख़ हसीना22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस मैं स्वदेश लौट रही हूँ:हसीना21 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस देश छोड़ कर जा सकती हैं ख़ालिदा ज़िया17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ हत्या का आरोप11 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति बने अंतरिम सरकार के प्रमुख29 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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