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शेख हसीना के ख़िलाफ़ वारंट पर रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की गिरफ़्तारी के लिए जारी हुआ वारंट स्थगित कर दिया है. ये वारंट एक दिन पहले ही जारी हुआ था. पुलिस ने कहा है कि शेख हसीना के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों में कुछ ख़ामियाँ हैं और दोबारा छानबीन के लिए उन्हें समय चाहिए. शेख़ हसीना पर पिछले साल अक्तूबर में विपक्षी पार्टी के चार कार्यकर्ताओं की हत्या की कथित साज़िश रचने का मामला दर्ज किया गया है. रविवार को बांग्लादेश की सरकार के कहने पर शेख़ हसीना को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से ढाका जाने वाले विमान पर चढ़ने नहीं दिया गया था. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सभी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं से कहा था कि वे शेख़ हसीना को अपने विमान में जगह ना दें. सरकार ने पहले ही कह दिया था कि अगर वे देश पहुँचती हैं, तो उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा. जनवरी में जब अंतरिम सरकार ने देश में आपातकाल की घोषणा की तो शेख़ हसीन देश छोड़कर ब्रिटेन चली गईं थी. शेख़ हसीना आवामी लीग की नेता हैं. बीबीसी हिंदी के साथ विशेष बातचीत में शेख हसीना ने कहा है कि वे देश लौटना चाहती हैं और चुनाव में हिस्सा भी लेना चाहती हैं. बातचीत में उनका कहना था, "मुझे बांग्लादेश जाने से कोई रोक नहीं सकता. मैं चुनाव में हिस्सा लूँगी और अपने ऊपर लगे हत्या के आरोपों का भी जवाब दूँगी." शेख़ हसीना ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए वह बांग्लादेश तो ज़रूर लौटेंगी. बांग्लादेश में सेना के समर्थन से चल रही अंतरिम सरकार ने पिछले हफ़्ते शेख़ हसीना की स्वदेश वापसी पर रोक लगा दी थी. उधर बांग्लादेश की एक अन्य पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया भी देश छोड़कर जाने के लिए तैयार हो गई हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लंदन से उड़ान नहीं भर पाईं शेख़ हसीना22 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस मैं स्वदेश लौट रही हूँ:हसीना21 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ हत्या का आरोप11 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति बने अंतरिम सरकार के प्रमुख29 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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