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ढाका में पुलिस-छात्र संघर्ष, दर्जनों घायल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में सोमवार को पुलिस और ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच हुई झड़पों में दर्जनों छात्रों के घायल होने की ख़बरें हैं. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक इन झड़पों से 50 से भी ज़्यादा छात्र घायल हो गए हैं. पुलिस के साथ इन छात्रों की झड़पें उस वक्त हुईं जब वे देश में आपातकाल हटाने और विश्वविद्यालय परिसर से सेना को बाहर निकालने की माँग कर रहे थे. सोमवार को देर रात तक ढाका विश्वविद्यालय के परिसर में छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें होती रहीं. भारी संख्या में छात्रों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और जगह-जगह रोक खड़ी करके आग लगाई. बदले में पुलिस ने भी बल प्रयोग किया, आँसू गैस के गोले दागे और लाठी चार्ज किया. इस दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों की बुरी तरह पिटाई भी की. गड़बड़ की शुरुआत विश्वविद्यालय के जिम्नेजियम में चल रहे एक फ़ुटबॉल मैच के दौरान हुई. यह मैच सार्वजनिक प्रशासन विभाग और पत्रकारिता विभाग के छात्रों के बीच हो रहा था. एक पैनल्टी शूट आउट के समय एक छात्र खड़ा हो गया जिससे पीछे बैठे सेना के अधिकारियों को मैच देखने में बाधा होने लगी. बांग्लादेश में जनवरी से लागू हुए आपात्काल के बाद से सेना की एक टुकड़ी विश्वविद्यालय परिसर में तैनात है. बस इसी बात को लेकर कुछ छात्रों और सेना के अधिकारियों के बीच कहा-सुनी हो गई. नाराज़गी इसी के बाद सैनिक अधिकारियों ने कथित रूप से तीन छात्रों की पिटाई की और एक शिक्षक का अपमान किया. विश्वविद्यालय के छात्र प्रशासन के रवैये से ख़ासे नाराज़ हैं. नाराज़ छात्रों ने बीबीसी से कहा, "यह कैम्पस हमारा है. हमें यहां सेना की ज़रूरत नहीं है. हम ढाका विश्वविद्यालय में सेना से पिटने के लिए नहीं आए हैं. हमें पुलिस ने तीन तरफ़ से घेरकर हम पर हमला किया और हमें जानवरों की तरह मारा." छात्रों की पिटाई की ख़बर आग की तरह फैली जिसने जल्दी ही दंगे का रूप ले लिया. पुलिस बुलाई गई जिसने प्रदर्शनकारी छात्रों पर नियंत्रण करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जिसमें कई छात्र घायल हो गए हैं. घायल छात्रों को ढाका मैडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बांगलादेश की अंतरिम सरकार ने राजनीतिक सुधारों और भ्रष्टाचार समाप्त करने का वादा किया है लेकिन छात्रों ने कल रात सरकार विरोधी नारे लगाए और मांग की कि सेना विश्वविद्यालय परिसर को छोड़ दे और राजनीति से भी बाहर हो जाए. छात्रों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है. | इससे जुड़ी ख़बरें लेखिका तस्लीमा नसरीन से हाथापाई09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस भारत और बांग्लादेश के सचिवों की बैठक02 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश की स्थिति पर भारत की नज़र'16 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश में और गिरफ़्तारियाँ संभव'11 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस घर से नहीं निकल पाईं शेख़ हसीना15 जून, 2007 | भारत और पड़ोस हत्या के मामले में ख़ालिदा की जाँच05 जून, 2007 | भारत और पड़ोस फ़ख़रुद्दीन अहमद की तबीयत बिगड़ी03 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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