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मुख्यमंत्री की संपत्ति की आयकर जाँच | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आयकर विभाग ने कहा है कि वे अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह की संपत्ति की जाँच करेंगे. इस बाबत जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ रेंज के मुख्य आयकर आयुक्त एमके मोघे ने बीबीसी को बताया कि उनका विभाग मुख्यमंत्री के परिवार की आयकर और संपत्ति संबंधी जाँच करेगा. आयकर आयुक्त ने बताया कि ऐसा उनके विभाग को मिली एक शिकायत के आधार पर किया जा रहा है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह जाँच कब होगी और किस तरह से की जाएगी. ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री अपनी पत्नी की वजह से विवादों के घेरे में आ गए थे जिसे लेकर विपक्ष उन्हें लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है. दरअसल मुख्यमंत्री की पत्नी ने रीवा के किसी पते पर कुछ ट्रकों की खरीद कर ली थी. बताया जा रहा है कि इस खरीद में जो पता मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह की ओर से दिया गया था वो ग़लत था. राज्य की विपक्षी पार्टियाँ अब इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा मांग रही हैं. आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि वे इस विवाद की जाँच नहीं कर रहे हैं बल्कि इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी द्वारा दिया गया संपत्ति का ब्यौरा सही है और क्या आयकर जमा करने को लेकर सभी कागज़ात पूरे हैं. घिरते मुख्यमंत्री उधर राज्य के एक वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी धनोपिया कहते हैं कि आयकर विभाग की कार्रवाई से ही मामला खत्म नहीं हो जाता क्योंकि ग़लत पता देने का मामला दरअसल अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने कहा, "यह भी देखना होगा कि राज्य के अधिकारियों ने ग़लत पते की जाँच किए बिना अनुमति कैसे दे दी. इससे तो साफ़ होता है कि मुख्यमंत्री के पद का इस मामले में दुरुपयोग किया गया है." उन्होंने कहा कि क़ानून के मुताबिक पति-पत्नी की संपत्ति को अलग करके नहीं देखा जाता है. ऐसे में मुख्यमंत्री अपने आप को इस मामले से बाहर कैसे रख सकते हैं. हालांकि आयकर विभाग के अलावा इस मामले में अभी तक मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है. ऐसे में किसी प्रशासनिक कार्यवाही की स्थिति भी पैदा नहीं हो सकी है. राज्य के विपक्षी दल भी केवल मीडिया और सदन के माध्यम से ही इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को घेरते रहे हैं पर लिखित रूप से वे भी शिकायत करने से बचते रहे हैं. अपने ऊपर लग रहे इन आरोपों से पहले तो मुख्यमंत्री पल्ला झाड़ते रहे पर बाद में उन्होंने उनकी पत्नी के ट्रक खरीदने की बात को स्वीकार लिया था. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी के महासचिव प्रहलाद पटेल ने इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साधा. प्रहलाद पटेल माँग कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री को इस मामले में सीबीआई जांच की सिफ़ारिश करनी चाहिए या केंद्रीय नेतृत्व को इस मामले में मुख्यमंत्री की जवाबदेही तय करते हुए क़दम उठाना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें पत्नी की वजह से विवादों में फंसे शिवराज18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस उमा समर्थकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई29 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'मृतकों की संख्या एक हज़ार से ज़्यादा'10 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नक्सली हिंसा रोकने के लिए अहम बैठक19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस शिवराज ने अकेले शपथ ली29 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस कंडोम की बिक्री को लेकर छिड़ा विवाद20 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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