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वायुसेना के पायलटों का विश्व रिकॉर्ड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय वायुसेना के दो पायलटों ने एक बेहद हल्के विमान से सबसे तेज़ गति से दुनिया का चक्कर लगाने का विश्व रिकॉर्ड बना लिया है. दोनों ने 80 दिनों में इस अभियान को पूरा किया जिसमें पाकिस्तानी वायुसेना ने भी मदद की. भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर राहुल मोंगा और अनिल कुमार ने शनिवार को अपना विमान गुजरात के भुज हवाई अड्डे पर उतारा. वे कराची से यहाँ पहुँचे. जब ये दोनों पायलट वापसी में भारत लौट रहे थे तो यात्रा की योजना में अचानक बदलाव करना पड़ा और उन्हें पाकिस्तानी शहर कराची में उतरने की ज़रूरत पड़ी. उनके अनुरोध को पाकिस्तानी अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया और उन्हें कराची में विमान उतारने की अनुमति मिल गई. दोनों पायलट रविवार को दिल्ली के निकट हिंडन एयरबेस पर पहुँचे. उन्होंने बेहद हल्के विमान में उड़ान भरकर सर्वाधिक तेज़ी से दुनिया का चक्कर लगाने का रिकॉर्ड बनाया. विंग कमांडर मोंगा ने इस अभियान के अनुभव को कुछ यूँ बयान किया, "बहुत मजा आया. हम अलग-अलग संस्कृतियों के लोगों से मिले. पाकिस्तान सहित जिन देशों ने भी हमारा सहयोग किया वह काफी अच्छा था." वायु सेना प्रमुख एफएच मेजर ने इस अभियान को हरी झंडी दिखाई थी. अभियान के तहत दोनों पायलटों ने 80 दिनों में 19 देशों से होकर कुल 40 हज़ार 497 किलोमीटर की दूरी तय की. दोनों ने इस दौरान 21.092 किलोमीटर प्रति घंटे की गति हासिल की. यह 2001 में ब्रिटेन के कॉलिन बोदिल के बनाए गए 16.53 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अधिक है. वायुसेना अध्यक्ष एफ़एचमेजर ने इस अभियान पर खुशी जताते हुए कहा है, "हम उन सभी सरकारों का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने इसमें मदद की." | इससे जुड़ी ख़बरें वायुसेना की क्षमता बढ़ाने की योजना09 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति कलाम ने सुखोई में उड़ान भरी08 जून, 2006 | भारत और पड़ोस सैनिकों की जीवन रेखा की तरह है वायुसेना26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस वायुसेना विमान का मामला गरमाया04 मई, 2005 | भारत और पड़ोस 'वायुसेना में चार पदोन्नतियाँ ग़लत'08 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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