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राष्ट्रपति कलाम ने सुखोई में उड़ान भरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने गुरुवार को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल सुपरसोनिक लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरी. इस विमान में राष्ट्रपति कलाम का यह सफ़र 30 मिनट का रहा. किसी लड़ाकू विमान में सफ़र करनेवाले वे पहले भारतीय राष्ट्रपति हैं. उन्होंने पुणे के लोहेगाँव स्थित वायुसेना के हवाई अड्डे से अपनी यह उड़ान भरी. वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति कलाम ने उड़ान के वक्त पायलट द्वारा पहने जाने वाले विशेष सूट को पहना और उनके विमान ने 30 मिनट तक उड़ान भरी. इसके पहले फ़रवरी में उन्होंने पनडुब्बी में सफ़र किया था और वो रेल में भी लंबा सफ़र कर चुके हैं. रूस निर्मित सुखोई-30 एमकेआई विमान भारत का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान है. इस विमान की तुलना अमरीकी एफ-16 विमान से की जाती है. यह विमान ध्वनि की गति से भी तेज़ रफ़्तार से उड़ान भर सकता है. राष्ट्रपति कलाम ने एयरोनोटिक्स इंजीनियरिंग का अध्ययन किया है और वो भारत के हल्के लड़ाकू विमान तैयार करने की परियोजना से भी जुड़े रहे हैं. इस दौरान राष्ट्रपति कलाम ने वायुसेना के जवानों को संबोधित भी किया. | इससे जुड़ी ख़बरें कलाम ने बच्चों से सपने देखने को कहा10 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस 'ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है'14 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस राजनीतिज्ञ युवाओं के आदर्श बनें: राष्ट्रपति25 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नन्हें पंकज ने की कलाम से बड़ी-बड़ी बातें10 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस एक नरमदिल राष्ट्रपति | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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