| 'वायुसेना में चार पदोन्नतियाँ ग़लत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय वायुसेना में पदोन्नति की नीति पर सवालिया निशान लगाते हुए चार एयर मार्शल्स को दी गई पदोन्नति के फ़ैसले को ग़लत ठहराया है. उच्च न्यायालय ने भारतीय वायुसेना को आदेश दिया कि एक नए बोर्ड का गठन किया जाए ताकि इन वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति पर दोबारा विचार किया जा सके. उच्च न्यायालय का ये फ़ैसला दो एयर वाइस मार्शल्स की याचिक की सुनवाई के बाद आया है. वायुसेना के दोनो वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि पदोन्नति के बारे में ग़लत फ़ैसला करते हुए उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई. उच्च न्यायालय ने हिदायत दी कि ऐसे फ़ैसले नहीं किए जाने चाहिए क्योंकि इनसे सैनिक अधिकारियों का मनोबल गिरता है. उधर वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि वे न्यायालय के फ़ैसले पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना था कि फ़िलहाल ये फ़ैसला नहीं किया गया है कि वायुसेना इस विषय में सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेगी या नहीं. भारतीय वायुसेना के कुछ अधिकारियों का कहना था कि इस फ़ैसला के बाद संभव है कि कई अन्य अधिकारी भी न्यायालय में याचिकाएँ दायर करें. |
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