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बाढ़ से प्रभावित इलाक़ों में राहत कार्य तेज़ हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण एशिया में आए विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित करोड़ों लोगों की सहायता के लिए वहाँ की सरकारें और राहत एजेंसियाँ अपने प्रयास तेज़ करने में जुटी हैं. चैरिटी संस्था सेव द चिल्ड्रेन ने वित्तीय सहायता के लिए अपील जारी की है. संस्था को आशंका है कि बाढ़ के कारण प्रभावित इलाक़ों में खाद्यान्न और दवाओं की कमी हो सकती है. उत्तरी भारत, बांग्लादेश और नेपाल में आई बाढ़ के कारण सैकड़ों लोगों की जान चली गई है. इन देशों में आई बाढ़ ने कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. नेपाल में स्थिति में कुछ सुधार हुआ है. बाढ़ का पानी कम हो रहा है और सफ़ाई अभियान भी चल रहा है. लेकिन कई गाँवों का संपर्क अभी भी देश के बाक़ी हिस्सों से टूटा हुआ है. यहाँ खाने और पीने के पानी की भी क़िल्लत है. बीबीसी के दक्षिण एशिया संवाददाता डेमियन ग्रैमेटिकस का कहना है कि भारत और बांग्लादेश में सरकारें राहत सामग्रियों के वितरण का प्रयास कर रही हैं. लेकिन समस्या ये है कि कई इलाक़ों में नाव भी नहीं जा सकती. इन इलाकों में हेलिकॉप्टरों से राहत सामग्री गिराने के अलावा कोई विकल्प नहीं. उत्तर प्रदेश के प्रभावित इलाक़ों में 20 लाख लोगों तक खाने का सामान पहुँचाया जा रहा है. उत्तरी उत्तर प्रदेश, बिहार और असम बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं. बिहार के मुख्य सचिव एके चौधरी ने बताया, "इस समय राज्य में गंभीर स्थिति है. पिछले 30 वर्षों में ऐसी स्थिति नहीं आई थी." 'संसाधनों की कमी' बांग्लादेश के 64 ज़िलों में से क़रीब 41 बाढ़ से प्रभावित हैं. राजधानी ढाका के कुछ हिस्सों में भी पानी भरा हुआ है. देश में चलाए जा रहे राहत कार्यों में सेना की भी मदद ली जा रही है. लेकिन संसाधनों की कमी के कारण राहत कार्यों पर असर हुआ है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यूनिसेफ़ का कहना है कि समस्या इतनी बड़ी है कि राहत कार्य भी एक चुनौती ही है. एक बयान में संस्था ने कहा, "लोगों के लिए अस्थायी शिविर, पीने का पानी, खाना, आपात चिकित्सा व्यवस्था जैसी चीज़ों की तुरंत आवश्यकता है." सेव द चिल्ड्रेन ने एक अपील जारी करके ज़्यादा से ज़्यादा वित्तीय सहायता की बात कही है. चैरिटी का कहना है कि भारत में एक करोड़ 40 लाख और बांग्लादेश में 70 लाख बच्चे बाढ़ से प्रभावित हैं. दिल्ली स्थित बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि बाढ़ का पानी कई इलाक़ों में तेज़ी से फैल रहा है. प्रभावित इलाक़ों में लोग अपनी छतों पर रह रहे हैं और कई लोग तो अपना घर छोड़ अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं.
भारत में कई इलाक़ों में पिछले 20 दिनों से लगातार बारिश हो रही है. कुछ नदियों का जलस्तर ख़तरे के निशान से 10 मीटर ऊपर तक बह रहा है. नेपाल में क़रीब ढ़ाई लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. लेकिन अब वहाँ स्थिति सुधर रही है. जनकपुर गए बीबीसी संवाददाता मार्क डमेट का कहना है कि भारतीय सीमा के निटकवर्ती इलाक़ों में स्थिति कुछ बेहतर हुई है. लेकिन अन्य इलाक़ों में स्थिति उतनी अच्छी नहीं. कई गाँवों का संपर्क अभी भी टूटा हुआ है. |
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