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'तालेबान ने एक कोरियाई की हत्या की' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि तालेबान ने अपहृत 23 दक्षिण कोरियाई लोगों में से एक की हत्या कर दी है. दक्षिण कोरिया ने इस घटना की कड़ी आलोचना की है और इसे कभी नहीं भूलने वाली घटना बताया है. दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अभी उसके 22 नागरिक अपहरणकर्ताओं के चंगुल में है जिन्हें रिहा कराने के लिए वह एक दूत भेजेगा. आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि एक शख्स का शव ग़ज़नी प्रांत में बरामद हुआ है. इसी इलाक़े में पिछले छह दिनों से कोरियाई नागरिकों को बंधक बनाकर रखा गया है. तालेबान का कहना है कि एक कोरियाई को इसलिए मारना पड़ा क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान की सरकार उनकी माँगें नहीं मान रही थी. तालेबान लड़ाकों ने कोरिया के 23 नागरिकों को ग़ज़नी प्रांत से उस समय अगवा कर लिया था जब वो गुरुवार को कंधार से काबुल जा रहे थे. उधर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों ने उस इलाक़े को घेर रखा है जहाँ दक्षिण कोरियाई लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है. तालेबान चाहते हैं कि इन नागरिकों को रिहा करने के बदले में जेल में बंद उसके लड़ाकों को छोड़ा जाए और दक्षिण कोरियाई सेना अफ़ग़ानिस्तान से वापस जाए. ख़बरें हैं कि कबीले के कुछ वरिष्ठ लोग कोरियाई लोगों को छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं. तालेबान ने शुरू में कहा था कि कुल 18 बंधक हैं लेकिन बाद में संख्या बढ़ाकर 23 कर दी. माना जा रहा है कि इनमें से 15 महिलाएँ हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें रिहाई के लिए बातचीत के प्रयास22 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस जर्मन बंधकों की स्थिति पर विरोधाभास21 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस तालेबान कमांडर ने ख़ुद अपनी जान ली24 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व शासक का निधन23 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस पर हमला12 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान चरमपंथियों की कड़ी आलोचना11 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस हमले में 17 अफ़गान लोगों की मौत10 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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