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पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस पर हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में एक सड़क पर हुए बम धमाके में पाँच अफ़ग़ान पुलिस अधिकारी मारे गए हैं. ये अधिकारी उस संयुक्त अफ़ग़ान-अमरीकी दल का हिस्सा थे जो ख़ोस्त प्रांत में गश्त लगा रहा था. ख़ोस्त प्रांत पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और ये दल सीमा के क़रीब गश्त लगा रहा था जब उस पर हमला हुआ. पुलिस ने उस इलाक़े में जाँच अभियान चलाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे हैं. आँकड़े बढ़ा-चढ़ाकर पेश हुए उधर नैटो और अफ़ग़ानिस्तान की सरकार ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि सैन्य कार्रवाई के बाद आम नागरिकों के मारे जाने के जो आँकड़े दिए जाते हैं वो या तो बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाते हैं या फिर झूठे होते हैं. बुधवार को अधिकारियों ने कहा कि चरमपंथी इसका फ़ायदा उठाकर इस मुद्दे पर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. ये बयान तब आया है जब हाल में अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद विदेशी सेनाओं की कार्रवाई में अनेक आम नागरिकों के मारे जाने की ख़बरें आई हैं. दूसरी ओर ये महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को आरोप लगाया था कि अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथी आम नागरिकों की ज़िंदगी की परवाह नहीं कर रहे और सामूहिक हत्याएँ कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र की ओर से ये बयान एक तालेबान आत्मघाती हमलावर के देश के दक्षिणी भाग में 17 लोगों को मार देने के एक दिन बाद आया था. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि टॉन कोइनिग्स का कहना था कि संयुक्त राष्ट्र मिशन ने बार-बार ज़ोर दिया है कि सभी पक्षों को ध्यान रखना चाहिए कि आम नागरिक हताहत न हों. | इससे जुड़ी ख़बरें बम हमलों में 35 अफ़ग़ान मारे गए06 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस काबुल में सामूहिक क़ब्र मिली05 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस विस्फोट में नैटो के छह सैनिक मरे04 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस नैटो की बमबारी में 'नागरिक' मारे गए30 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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