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सीबीआई ऑस्ट्रेलिया की मदद करेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने सीबीआई को इसकी अनुमति दे दी है कि वो ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को मोहम्मद हनीफ़ के बारे में माँगी गई जानकारियाँ उपलब्ध कराए. ऑस्ट्रेलिया में गिरफ़्तार किए गए भारतीय डॉक्टर हनीफ़ पर ब्रिटेन में असफल चरमपंथी धमाकों के संदिग्ध अभियुक्तों के साथ संबंध रखने का आरोप है. ऑस्ट्रेलिया के अटर्नी जनरल ने एक पत्र भेज कर भारत से अनुरोध किया था कि वो हनीफ़ के बारे कुछ जानकारियाँ मुहैया कराए. ख़ास तौर पर बंगलौर स्थित यूटीआई और भारतीय स्टेट बैंक में हनीफ़ के खातों का ब्योरा माँगा गया है. भारतीय गृह मंत्रालय ने ऑस्ट्रेलिया के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है. हनीफ़ के बैंक खातों से यह जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है कि उन्हें किसी विदेशी संगठन से पैसे मिले हैं या नहीं. इस बीच ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन विभाग ने हनीफ़ के रिश्तेदार इमरान सिद्दिकी को ऑस्ट्रेलिया आने की इजाज़त दे दी है. सिद्दिकी क़ानूनी प्रकिया के दौरान हनीफ़ की मदद करेंगे. हनीफ़ को एक ऑस्ट्रेलियाई अदालत से ज़मानत भी मिल गई थी लेकिन वहाँ के आव्रजन विभाग के निर्देश पर उन्हें फिर से हिरासत में ले लिया गया. उन्हें ब्रिसबेन के एक जेल में रखा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें हनीफ़ प्रकरण पर भारत ने चिंता जताई19 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'हनीफ़ को समुचित सुविधाएँ दी जाएँ'18 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस हनीफ़ मामले में उच्चायुक्त तलब 17 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस हनीफ़ की हिरासत संबंधी अर्ज़ी वापस ली13 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस विफल बम हमलों की जाँच उलझी12 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस हनीफ़ के परिवारजनों को भरोसा नहीं04 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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