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विफल बम हमलों की जाँच उलझी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन और ग्लासगो में हुए विफल हमलों की जाँच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पैदा हुई प्रशासनिक उलझनों में फँस गई है. हाल में स्कॉटलैंड के ग्लासगो एयरपोर्ट पर हमले की को कोशिश की गई थी और लंदन में भी कार बम मिला था. ये जाँच इन्हीं घटनाओं से संबंधित है. पिछले हफ़्ते ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने भारतीय डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ को वहाँ हिरासत में लिया था. वे भारत जा रहे थे और उनके पास केवल भारत जाने का ही टिकट था, वापसी का नहीं. एक ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी बंगलौर में पहुँचे हुए हैं ताकि वे हनीफ़ के बारे में जानकारी एकत्र कर सकें. 'इसे असहयोग न मानें' लेकिन भारतीय अधिकारियों ने ये कहते हुए जानकारी के आदान-प्रदान से इनकार कर दिया है कि इस बारे में पूरी कागज़ी कार्रवाई नहीं हुई है. भारतीय जाँच एजेंसी सीबीआई का कहना है कि वह ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी से तब जानकारी का आदान-प्रदान नहीं करेगी जब तक उसे मामले से संबंधित वहाँ के कोर्ट से जारी किए गए दस्तावेज़ नहीं मिलते.
ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री ब्रैंडन नैलसन ने ये मामला भारतीय अधिकारियों के साथ उठाया है और वे अब दिल्ली में बातचीत के लिए पहुँचे हुए हैं. भारतीय अधिकारियों का कहना है कि वे नियमानुसार पूरी कार्रवाई करना चाहते हैं और इससे होने वाली देरी को असहयोग को तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. महत्वपूर्ण है कि ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने इस मामले में हो रही कार्रवाई पर चिंता जताई है. हनीफ़ को ब्रिसबेन में हिरासत में रखा गया है लेकिन उनके ख़िलाफ़ अब तक कोई आरोप नहीं लगाए गए. वे पिछले नौ दिनों से पुलिस हिरासत में हैं. वे उन आठ लोगों में से एक हैं जिन्हें इस मामले में हिरासत में लिया गया है. अन्य लोगों को ब्रिटेन में हिरासत में लिया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रिटेन: एक संदिग्ध के ख़िलाफ़ आरोप तय07 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना मनमोहन का गॉर्डन ब्राउन को आश्वासन05 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस हमले के आत्मघाती होने के संकेत01 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना लंदन धमाके में एक भारतीय गिरफ़्तार03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना लंदन में एक और बम बरामद29 जून, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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