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ब्रिटेन: एक संदिग्ध के ख़िलाफ़ आरोप तय | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में पिछले सप्ताह चरमपंथी हमले की साजिश रचने के मामले में गिरफ़्तार किए गए संदिग्धों में से एक के ख़िलाफ़ आरोप तय कर लिया गया है. ब्रिटेन में 29 और 30 जून को तीन चरमपंथी हमलों की कोशिश की गई थी. इनमें से दो हमलों की कोशिश 29 जून को लंदन में की गई जबकि अगले ही दिन ग्लासगो हवाईअड्डे पर एक अन्य हमले की कोशिश की गई. ब्रिटेन पुलिस ने इन हमलों की कोशिश करने के सिलसिले में आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया था. इनमें से एक हैं इराक़ मूल के डॉक्टर बिलाल अब्दुल्लाह, जिनपर अभियोजन पक्ष ने हमलों की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है. 27 वर्षीय बिलाल अब्दुल्लाह को शनिवार को लंदन में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. बिलाल पहले व्यक्ति हैं जिनके ख़िलाफ़ इन धमाकों की साजिश के सिलसिले में आरोप तय किया गया है. अगर बिलाल के उपर लगे आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें अधिकतम आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है. धमाकों की साजिश के सिलसिले में जिन आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है उनमें से सात को ब्रिटेन में और एक व्यक्ति को ऑस्ट्रेलिया में हिरासत में लिया गया था. हिरासत में लिए गए लोगों में से तीन भारतीय मूल के हैं. हमलों की कोशिश ग़ौरतलब है कि 29 जून को लंदन के बीचोंबीच दो जगहों से दो कार बम मिले थे जिसके बाद से ब्रिटेन में चरमपंथी हमले का ख़तरा बढ़ गया था.
पुलिस के अनुसार पहला बम 29 जून को तड़के लंदन पुलिस ने लंदन के केंद्रीय इलाके हे-मार्केट में एक नाइटक्लब के बाहर से एक कार में बरामद किया था और फिर उसी दिन पार्क लेन इलाके से भी एक बम मिला. शुक्रवार को मिले इन बमों में काफ़ी मात्रा में पेट्रोल, गैस सिलिंडर, कील और विस्फोट करने का यंत्र था. इसके ठीक एक दिन बाद ग्लासगो हवाईअड्डे में एक जलती हुई जीप को जबरन घुसाने की कोशिश की गई थी. ब्रिटेन पुलिस का कहना है कि दोनों दिनों की घटनाओं के तार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. हवाईअड्डे में जिस जीप को घुसाने की कोशिश की जा रही थी उसमें भी ज्वलनशील ईधन और रसायन थे. इसी कोशिश के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को ग्लासगो हवाईअड्डे से हिरासत में ले लिया था जिनमें से एक इराक़ मूल के बिलाल अब्दुल्लाह हैं और दूसरे भारतीय मूल के कफील अहमद हैं. जलती जीप के साथ ही कफील भी बुरी तरह से जल गए थे. उनका फिलहाल ब्रिटेन के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है जहाँ उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. सुरक्षा इंतज़ाम
इन हमलों की कोशिश के तुरंत बाद लंदन में चरमपंथी हमले के ख़तरे की स्थिति को उसके सबसे ज़्यादा गंभीर स्तर पर घोषित कर दिया गया था. हालांकि बाद में इसे कुछ नीचे लाया गया है पर शनिवार को दो वर्ष पहले लंदन में हुए बम धमाकों की दूसरी बरसी के मद्देनज़र पुलिस ने एलर्ट घोषित कर रखा है. महत्वपूर्ण है कि लंदन में सात जुलाई 2005 को तीन भूमिगत मेट्रो ट्रेनों और एक बस में बम धमाके हुए थे. इन आत्मघाती बम हमलों में 52 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे. उधर भारत में सबील अहमद और कफील अहमद के घरवालों से बंगलौर में पूछताछ की जा रही है. हमलों की साजिश के मामले में हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्ध भारतीयों का ताल्लुक भारत के बंगलौर शहर से है जहाँ शुक्रवार को भी पुलिस ने इन लोगों के परिवार वालों से पूछताछ की. | इससे जुड़ी ख़बरें संदिग्ध लोगों में दो भारतीय डॉक्टर03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना संदिग्ध लोगों का संबंध स्वास्थ्य सेवा से03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना लंदन धमाके में एक भारतीय गिरफ़्तार03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना 'अल क़ायदा के आगे नहीं झुकेंगे'01 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटेन में चरमपंथी हमले के ख़तरे का स्तर 'गंभीर'30 जून, 2007 | पहला पन्ना लंदन में एक और बम बरामद29 जून, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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