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हनीफ़ प्रकरण पर भारत ने चिंता जताई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने मोहम्मद हनीफ़ की हिरासत के मामले पर ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री को भारत की चिंताओं से अवगत कराया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को बताया कि बातचीत की पहल ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ से ही हुई थी. हनीफ़ पर ब्रिटेन में असफल चरमपंथी धमाकों के संदिग्ध अभियुक्तों के साथ संबंध रखने का आरोप है. बातचीत के दौरान प्रणव मुखर्जी ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री एलेक्ज़ेडर डावना से कहा कि मोहम्मद हनीफ़ को लेकर भारत सरकार और आम भारतीय चिंतित है. उन्होंने डावना से कहा कि मोहम्मद हनीफ़ के साथ ऑस्ट्रेलियाई क़ानून के मुताबिक न्यायसंगत और निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए. प्रणव मुखर्जी और एलेक्ज़ेडर डावना में इस बात पर सहमति बनी कि जल्दी से जल्दी दोनों देशों को परस्पर क़ानूनी सहायता संधि करनी चाहिए. ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों मोहम्मद हनीफ़ को अदालत से ज़मानत मिलने के बावजूद आव्रजन मंत्रालय के आदेश पर हिरासत में लिए जाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त को भारतीय विदेश मंत्रालय में तलब किया गया था. इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा था कि ऑस्ट्रेलिया सरकार को हनीफ़ के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए और सुविधाएँ उपलब्ध करानी चाहिए. उधर हनीफ़ ने अपना वीज़ा निरस्त करने के ऑस्ट्रेलिया सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील भी की है. | इससे जुड़ी ख़बरें संदिग्ध लोगों का संबंध स्वास्थ्य सेवा से03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना लंदन धमाके में एक भारतीय गिरफ़्तार03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना संदिग्ध लोगों में दो भारतीय डॉक्टर03 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना हनीफ़ को हिरासत में रखे जाने का फ़ैसला16 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना डॉक्टर हनीफ़ की हिरासत की अवधि बढ़ी09 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना हनीफ़ पर आरोप तय, अदालत में पेशी13 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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