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जस्टिस चौधरी के निलंबन से बहाली तक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस साल मार्च महीने में पद का दुरुपयोग करने के आरोप में मुख्य न्यायाधीश इफ्तिख़ार चौधरी को निलंबित कर दिया था. इसके बाद से न्यायाधीश चौधरी पाकिस्तान में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ विरोधी राजनीति के केंद्र में आ गए थे और सरकार के फ़ैसले का काफ़ी विरोध हुआ था. शुक्रवार को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीश इफ्तिख़ार चौधरी के निलंबन को अवैध करार दिया. पूरे घटनाक्रम एक नज़र. 4 फरवरी, 2000 : इफ्तिख़ार मोहम्मद चौधरी पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त किए गए. गैर-क़ानूनी तरीक़े से सुरक्षा बलों की हिरासत में रखे गए राजनीतिक कार्यकर्ताओं को स्वतंत्र कराने के मामले से उन्हें काफ़ी ख्याति मिली. 30 जून, 2005 : इफ्तिख़ार चौधरी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए. इस मौक़े पर उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आम जनता में अविश्वास पर भाषण दिया. 9 मार्च , 2007 : राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया. इसका ब्यौरा नहीं दिया गया कि उन्होंने किस तरह से पद का दुरुपयोग किया था. 12 मार्च, 2007 : वकीलों ने न्यायाधीश चौधरी के समर्थन में अदालतों का बहिष्कार शुरू कर दिया जो काफ़ी दिनों तक चला. 13 मार्च, 2007 : अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के लिए न्यायाधीश चौधरी वरिष्ठ जजों के सामने सुनवाई में पेश हुए. 16 मार्च, 2007 : इस्लामाबाद रैली में न्यायाधीश चौधरी के समर्थन में हिंसा शुरू हो गई. 27 मार्च, 2007 : मुशर्रफ़ ने रावलपिंडी की रैली में कहा कि चौधरी के निलंबन मामले से किसी को भी राजनीतिक रूप से फ़ायदा नहीं उठाने दिया जाएगा. 28 मार्च, 2007 : न्यायाधीश चौधरी ने निलंबन के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से भाषण दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को स्वतंत्र न्यायपालिका और क़ानून के शासन की ज़रूरत है. 3 अप्रैल, 2007 : न्यायाधीश चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और बंद कमरे मे होने वाली सुनवाई को सार्वजनिक करने को कहा. 18 अप्रैल, 2007 : न्यायाधीश चौधरी ने उनके ख़िलाफ़ सुनवाई कर रहे पीठ के गठन को चुनैती दी. 6 मई, 2007 : अपने समर्थन में आयोजित बड़ी रैली में न्यायाधीश चौधरी ने 'तानाशाही राज्यों' पर हमला किया. उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि रैली में भाग लेने से रोकने के लिए सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया. 12 मई, 2007 : कराची में न्यायाधीश चौधरी की रैली होनी थी उससे पहले सरकार समर्थकों और विरोधियों में जमकर संघर्ष हुआ. 17 जुलाई, 2007: इस्लमाबाद में इफ़्तिख़ार चौधरी की एक सार्वजनिक सभा में भीषण बम धमाका हुआ जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई, जब धमाका हुआ उस समय जस्टिस चौधरी वहाँ नहीं थे. | इससे जुड़ी ख़बरें चौधरी की सभा में धमाका, 17 मारे गए17 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान सरकार के सबूत ख़ारिज02 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस जस्टिस चौधरी की अपील पर सुनवाई11 जून, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में रैलियां, स्थिति तनावपूर्ण07 जून, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ ने मीडिया पर लगाम कसी04 जून, 2007 | भारत और पड़ोस मुख्य न्यायाधीश के निलंबन की सुनवाई15 मई, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में हिंसा के विरोध में हड़ताल14 मई, 2007 | भारत और पड़ोस कराची में हिंसा नहीं थमी, छह और मौतें13 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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