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गुरुवार, 19 जुलाई, 2007 को 14:45 GMT तक के समाचार
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अमिताभ ने 'कृषि भूखंड दान कर दिए'
अमिताभ के हस्ताक्षर से भेजी गई चिट्ठी जिसमें ज़मीन दान करने की सूचना उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री को दी गई है
अमिताभ बच्चन ने अपने नाम से दर्ज देश भर के "छह कृषि भूखंडों को सरकार को दान कर दिया है."

अमिताभ बच्चन के वकील प्रदीप राय ने बीबीसी हिंदी से एक विशेष बातचीत में बताया कि "बच्चन परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई खेती की ज़मीन अब नहीं है, देश भर में छह ऐसे भूखंड थे जिन्हें अमिताभ बच्चन ने दान कर दिया है."

अमिताभ बच्चन पर आरोप है कि उन्होंने ख़ुद को किसान दिखाने के लिए उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में कागज़ात में हेरफेर कराया था.

अमिताभ बच्चन के वकील ने उत्तर प्रदेश सरकार और महाराष्ट्र सरकार को पत्र भेजकर सूचित किया है कि अमिताभ बच्चन ने "अपने कृषि भूखंड दान कर दिए हैं."

प्रदीप राय ने बताया कि इसमें बाराबंकी ज़िले के दौलतपुर गाँव की ज़मीन और पुणे में पावना बांध के पास स्थित भूखंड भी शामिल हैं जिनकी मिल्कियत और उन्हें हासिल करने के तरीक़े को लेकर अमिताभ बच्चन आरोपों के घेरे में आए थे.

अमिताभ बच्चन के लेटरपैड पर उनके हस्ताक्षर से भेजी गई इस चिट्ठी में लिखा है कि यह राज्य की मुख्यमंत्री मायावती को सूचनार्थ भेजी जा रही है, इस पत्र पर तारीख़ है 19 जुलाई की.

इसके साथ ही बाराबंकी के दौलतपुर गाँव की प्रधान राजकुमारी के हस्ताक्षर वाली एक चिट्ठी भी नत्थी की गई है जिसमें ग्रामसभा की ओर से ज़मीन को स्वीकार करने की रज़ामंदी है.

 बच्चन परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई खेती की ज़मीन अब नहीं है, देश भर में छह ऐसे भूखंड थे जिन्हें अमिताभ बच्चन ने दान कर दिया है
प्रदीप राय, अमिताभ के वकील

दौलतपुर ग्रामसभा की प्रधान के पत्र पर 12 जुलाई की तारीख़ है और इसमें लिखा गया है, "ग्रामसभा को भूमि दान करने हेतु कोटिशः धन्यवाद."

लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि उन्हें इस तरह का कोई पत्र नहीं मिला है. राज्य के प्रधान सूचना सचिव शैलेश कृष्ण ने कहा, "हमें अभी तक अमिताभ बच्चन की ओर से भेजा गया कोई पत्र नहीं मिला है."

शैलेश कृष्ण ने कहा, "अगर सरकार को ऐसी कोई चिट्ठी मिलती भी है तो वह उसका संज्ञान नहीं लेगी क्योंकि मामला तो अदालत के विचाराधीन है."

मामला

अमिताभ बच्चन को बाराबंकी के दौलतपुर गाँव में खेतिहर ज़मीन का मालिक दिखाया गया था जिसके आधार पर उन्होंने पुणे में खेतिहर ज़मीन ख़रीदी थी.

 अगर सरकार को ऐसी कोई चिट्ठी मिलती भी है तो वह उसका संज्ञान नहीं लेगी क्योंकि मामला तो अदालत के विचाराधीन है
उत्तर प्रदेश के प्रधान सूचना सचिव

अमिताभ बच्चन पर आरोप है कि उत्तर प्रदेश के कुछ नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से उन्होंने काग़ज़ात में हेरफेर करके अपने आपको खेतिहर किसान साबित किया था.

अमिताभ बच्चन के वकील प्रदीप राय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को ज़मीन वापस करते हुए उन्होंने कहा है कि "यह किसानों की ज़मीन थी जो किसानों को वापस कर दी जानी चाहिए."

राय ने कहा, "अमिताभ बच्चन के पिता के नाम बाबूपट्टी नाम के पुश्तैनी गाँव में सौ एकड़ ज़मीन है जिस पर दूसरे लोगों का क़ब्ज़ा है, उन पर यह आरोप लगाना ग़लत है कि उन्होंने ख़ुद को खेतिहर दिखाने के लिए काग़ज़ात में हेराफेरी की."

इस सिलसिले में अमिताभ बच्चन के ख़िलाफ़ एक मुक़दमा दायर किया गया है लेकिन उनका कहना है कि उन्होंने कुछ ग़लत नहीं किया है.

अमिताभ बच्चन के वकील ने बताया कि "बाराबंकी ज़िले के दौलतपुर गाँव में और अपने पुश्तैनी गाँव बाबूपट्टी में वे दो स्कूल बनवा रहे हैं जिनकी कुल लागत 50 करोड़ रुपए से अधिक है."

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