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बाराबंकी के पुराने ज़िलाधीश को हटाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में अमिताभ बच्चन के नाम ज़मीन दर्ज कराने को फ़र्ज़ी और धोखाधड़ी ठहराए जाने के अदालती फ़ैसले के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई शुरु हो गई है. वर्ष 2006 में जब ये कागज़ात बने थे, उस समय बाराबंकी के ज़िलाधीश रहे आईएएस अफ़सर रमाशंकर साहू के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए उन्हें कुशीनगर के ज़िलाधीश पद से हटा दिया गया है. इसके अलावा अधिकारियों ने बाराबंकी ज़िले में तैनात तत्कालीन सहायक लेखपाल रामनरेश को निलंबित कर दिया है. फ़ैज़ाबाद की राजस्व अदालत ने अपने फ़ैसले में बाराबंकी ज़िले के दौलतपुर गाँव में ग्रामसभा की ज़मीन अमिताभ के नाम दर्ज करने को फ़र्ज़ी करार देते हुए इस मामले से संबंधित अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का सुझाव दिया था. बाराबंकी के सहायक ज़िला मजिस्ट्रेट अजयदीप सिंह ने बताया कि अदालती फ़ैसले का अनुपालन करते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है. रमाशंकर साहू को मायावती सरकार ने ही कुछ दिन पहले कुशीनगर का ज़िलाधीश बनाया था और बुधवार को अचानक ही उन्हें हटा दिया गया है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उनको हटाए जाने का संबंध बाराबंकी के अमिताभ मामले से नहीं है और यह सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई है. लेकिन समझा जा रहा है कि यह कार्रवाई इसीलिए की गई है ताकि बाराबंकी मामले में आगे कार्रवाई की जा सके. उल्लेखनीय है कि बाराबंकी ज़िला प्रशासन इस मामले में मुक़दमा दर्ज कराने पर भी राज्य सरकार के आदेश का इंतज़ार कर रहा है. दूसरी ओर बाराबंकी के स्थानीय निवासी सत्यनारायण शुक्ला का कहना है कि वह पहले ही अमिताभ के नाम पर ज़मीन की रजिस्ट्री कराने के ख़िलाफ़ अदालत में जनहित याचिका दायर कर चुके हैं और वे अदालत से सबसे पहले उनकी याचिका पर सुनवाई की गुजारिश करेंगे. अमिताभ की कोशिश इस बीच बाराबंकी की विवादित ज़मीन पर अपनी दावेदारी बचाने के लिए मंगलवार को अमिताभ बच्चन ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर पिछला फैसला निरस्त करने की माँग की. अमिताभ बच्चन के वकील गौरव भाटिया ने बताया कि इस बाबत लखनऊ हाईकोर्ट में एक अपील दायर करके फ़ैज़ाबाद कमिश्नर की ओर से पिछले दिनों दिए गए फैसले को निरस्त करने की माँग की गई है. दरअसल, बाराबंकी में ग्रामसभा की ज़मीन का टुकड़ा अमिताभ बच्चन के नाम पर दर्ज था जिसके आधार पर उन्होंने ख़ुद को किसान साबित करते हुए पुणे के पास फ़ार्म हाउस बनाने के लिए आठ हेक्टेअर ज़मीन ख़रीदी थी. हालांकि बाराबंकी प्रशासन और अब अदालत की ओर से इस ज़मीन का पट्टा रद्द कर दिया गया है और कहा गया है कि सरकारी दस्तावेज़ों में धोखे से यह ज़मीन अमिताभ के नाम दर्ज की गई थी. |
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