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मस्जिद में सैन्य कार्रवाई शुरु, भारी गोलीबारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सेना ने लाल मस्जिद में मोर्चा जमाए चरमपंथियों से बातचीत टूटने के बाद इसे मुक्त कराने के लिए सैन्य अभियान शुरू कर दिया है. मस्जिद में कई दिशाओं से सेना ने प्रवेश किया है और वहाँ से गोलीबारी और बम धमाकों की आवाज़ें लगातार आ रही हैं. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल वहीद अरशद ने कहा है कि अब तक की कार्रवाई में 20 चरमपंथियों और तीन सैनिक मारे गए हैं. कई सैनिक घायल भी हुए हैं. इसके पहले पाकिस्तान सरकार और मस्जिद में मोर्चा जमाए लोगों के बीच मंगलवार सुबह तक चली बातचीत टूट गई थी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि लगभग 11 घंटे चली बातचीत का कोई परिणाम नहीं निकला और इसके बाद धमाकों की आवाज़ें आनी शुरू हो गईं. मेजर जनरल वहीद ने कहा है कि चरमपंथियों और सेना के बीच गोलीबारी के बीच 20 बच्चे भागकर सेना के जवानों के पास सुरक्षित पहुँचने में सफल हुए हैं. उन्होंने मीडिया को बताया कि चरमपंथी छोटे हथियारों के अलावा हथगोलों और पेट्रोल बम का प्रयोग कर रहे हैं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सेना भी छोटे हथियारों और हथगोलों का प्रयोग कर रही है. मेजर जनरल वहीद का कहना था कि मस्जिद परिसर के बाहरी हिस्से में चरमपंथी दिखाई नहीं दे रहे हैं लेकिन वे अंदर के कमरों और शौचालयों से सेना पर गोलीबारी कर रहे हैं. बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि मस्जिद के बाहर कई एम्बुलेंस इंतज़ार कर रही हैं कि किसी के घायल होने की स्थिति में अस्पताल पहुँचाया जा सके. अनुमान लगाया जा रहा है कि मस्जिद के भीतर डेढ़ से दो सौ के बीच चरमपंथी और बंधक बनाई गई महिलाएँ और बच्चे हो सकते हैं. बातचीत असफल संवाददाता का कहना है कि मस्जिद के अंदर मोर्चा जमाए चरमपंथी बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता चाहते थे जिस पर सहमति नहीं हो पाई. सरकार की ओर से बातचीत करनेवाले दल का नेतृत्व की ज़िम्मेदारी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी शुजात हुसैन कर रहे थे. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में घोषणा की,'' हमने पूरी कोशिश की लेकिन बातचीत असफल रही है और मुझे इसका बेहद अफ़सोस है.'' . इसके पहले सोमवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने एक उच्च स्तरीय बैठक की थी जिसमें यह फ़ैसला किया गया कि बातचीत के लिए एक दल भेजा जाए जो मस्जिद में फंसीं महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास करे. दूसरी ओर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि लाल मस्जिद में जारी सैनिक कार्रवाई नहीं रोकी जाए. ग़ाज़ी अब्दुल रशीद ने माँग की थी कि उन्हें और उनके हथियारबंद साथियों को मस्जिद से निकलने का सुरक्षित रास्ता दिया जाए. |
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