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ओएनजीसी का जहाज़ डूबा, कई लापता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) का एक तेल आपूर्ति जलयान 'समुद्रिका-10' सोमवार को मुंबई के समुद्र क्षेत्र में डूब गया. ओएनजीसी के अनुसार इसमें 14 लोग सवार थे जिनमें से नौ को बचा लिया गया है और पाँच लोग अब भी लापता हैं. दूसरी ओर समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार तटरक्षक दल के पश्चिमी क्षेत्र के महानिदेशक ए राजशेखर ने उसे बताया कि पहले ओएनजीसी ने इस पर 14 लोगों के सवार होने की जानकारी दी थी. लेकिन बाद में बताया गया कि इस पर 17 लोग सवार थे जिनमें से आठ लापता हैं. उनका कहना था कि इस जलयान के डूबने से समुद्र में कोई तेल नहीं फैला है. उनका कहना था कि लापता लोगों की तलाश में एक अभियान छेड़ा गया है जिसमें ओएनजीसी के हेलिकॉप्टर और तटरक्षक दल के विमान की मदद ली जा रही है. ओएनजीसी के चेयरमैन आर एस शर्मा का कहना था कि इस जहाज़ का संचालन एक निजी कंपनी ‘सीकल लॉजिस्टिक्स’ कर रही थी और इस पर सवार सभी कर्मचारी उसके थे. ओएनजीसी के पास ऐसे 14 जलयान हैं जिनका संचालन निजी कंपनियाँ करती हैं. 'समुद्रिका-10' उनमें से एक था. ओएनजीसी प्रमुख का कहना था कि इस दुर्घटना से मुंबई हाई के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ग़ौरतलब है कि अमरीकी पत्रिका फ़ोर्ब्स की दुनिया की दो हज़ार बड़ी कंपनियों की सूची ओएनजीसी भी शामिल है. | इससे जुड़ी ख़बरें ओएनजीसी नंबर वन भारतीय कंपनी31 मार्च, 2007 | कारोबार ओएनजीसी को मिला गैस का भंडार17 दिसंबर, 2006 | कारोबार युकोस की इकाई पर ओएनजीसी की नज़र07 जनवरी, 2005 | कारोबार अफ़्रीकी तेल बाज़ार में भारत की रूचि24 नवंबर, 2005 | कारोबार आग की वजह से तेल के कुएँ बंद19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मुंबई तेल रिग में आग से 10 की मौत28 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस मित्तल अब तेल क्षेत्र में हाथ आजमाएँगे23 जुलाई, 2005 | कारोबार भारत को लीबिया में तेल का ठेका01 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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