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आग की वजह से तेल के कुएँ बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में तेल के 32 कुँओं को आग की वजह से बंद कर दिया गया है, वहाँ पिछले छह दिनों से भीषण आग लगी हुई है. सरकारी क्षेत्र की कंपनी ऑयल इंडिया इन तेल के कुँओं की देखरेख करती है और उसका कहना है कि आग से भारी आर्थिक नुक़सान हुआ है. दिकोम क्षेत्र में लगी आग इतनी तेज़ हो गई है कि दो अमरीकी विशेषज्ञ कंपनियों को आग बुझाने के काम में मदद के लिए बुलाया गया है. ऑयल इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी उत्पल बोरा ने बीबीसी को बताया, "हमने तेल कुएँ के पास एक जलाशय बनाया है, हम तेज़ प्रेशर वाले पंपों और गुजरात से आने वाली रेत का इंतज़ार कर रहे हैं." ये उपकरण इस सप्ताह के अंत तक ही दिकोम तक पहुँच पाएँगे, इस बीच लगभग तीन सौ दमकल कर्मचारी आग बुझाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. आग तो दो ही कुँओं में लगी है लेकिन एहतियात के तौर पर 30 कुएँ बंद कर दिए गए हैं. बोरा ने कहा, "ऐसा करने से हमारे उत्पादन पर असर पड़ेगा लेकिन हमारे पास कोई रास्ता नहीं है क्योंकि हम जोखिम नहीं उठा सकते." दिकोम के तेल क्षेत्र को बहुत अच्छे उत्पादन वाला माना जाता है और यहाँ उत्पादन रूकने से काफ़ी नुक़सान हो रहा है. दिकोम का तेल क्षेत्र डिब्रूगढ़ ज़िले का हिस्सा है, डिब्रूगढ़ ज़िला प्रशासन ने बताया है कि तेल क्षेत्र के आसपास के गाँवों के लगभग पाँच हज़ार निवासियों को वहाँ से हटा दिया गया है. यहाँ रहने वाले ज़्यादातर लोग तेल शोधक कारखाने में या चाय के बागानों में काम करते हैं. |
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