|
उदासीनता से पिछड़ रहा है ताज | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मोहब्बत के प्रतीक ताजमहल को विश्व के सात महान आश्चर्यों में शामिल कराने को लेकर भारत की जनता और सरकार में उदासीनता दिखाई दे रही है. लेकिन वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा ने राजधानी रियो द जेनेरियो के 'स्टेचू ऑफ क्राईस्ट' के लिए रेडियो पर संदेश प्रसारित कर नागरिकों से बढ़चढ़ कर वोट करने का अपील की है. तो दूसरी ओर पेरू सरकार ने अपने प्राचीन शहर मचू पिचू के पक्ष में मतदान के लिए जगह जगह पर इंटरनेट कनेक्शन के साथ कंप्यूटर लगवाए हैं. एक निजी स्विस संगठन द्वारा दुनिया के सात नए महान आश्चर्यों के लिए विश्व स्तर पर चलाए गए मोबाइल एसएमएस और ऑनलाइन अभियान के परिणाम सात जुलाई को पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में घोषित किए जाएंगे. भारत में इस समय 17 करोड़ मोबाइल धारक हैं और 50 में से एक व्यक्ति इंटरनेट इस्तेमाल करता है. लेकिन लोगों में ताज के लिए मतदान को लेकर उतना उत्साह नज़र नहीं आ रहा कि जो इसे टॉप सेवन में जगह दिला सके. हालांकि हाल में मतों का प्रतिशत 0.7 से बढ़कर 5 हुआ है जिसकी बदौलत यह अंतिम दस में जगह बना सका. अभियान दरअसल लोगों में ताज अभियान को लेकर जागरूकता का अभाव ही इसके पिछड़ने का कारण माना जा सकता है. हालाँकि अब कई टेलीविजन चैनल लोगों से लगातार ताज के पक्ष में वोट के लिए अभियान चला रहे हैं. ताज के समर्थन में मशहूर भारतीय संगीतकार एआर रहमान की 'इंडिया यूनाइट फार ताज' नामक रचना भी अभी लोगों का उत्साह बढ़ाने में कामयाब नहीं रही है. ताज अभियान पर सरकार की उदासीनता पर पर्यटन मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी लीला नंदन का कहना था कि इसके लिए सरकार के अलावा भी काफी कुछ है और देश के हर नागरिक को अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए. अन्य देशों की सरकारों की ओर से शुरू हुई पहल के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है लेकिन वो कहती हैं कि निजी क्षेत्र और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी सरकार की पहल पर ही आगे आया है. लेकिन ताज के लिए समर्थन जुटाने में लगे मीडिया समूह वन मीडिया कॉरपोरेशन के चेयरमैन भरत कपाड़िया इससे सहमत नहीं है. उनका कहना है, "हमें ताज के पक्ष में काफी वोट करने की ज़रुरत है. यह कफ़ी दुखद है कि सरकार ने इस बारे में कुछ नहीं किया है." जागरुकता बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले शरद शर्मा कहते हैं कि कुछ दिनों पहले तक उन्हें इस विश्वव्यापी अभियान के बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी. उनका कहना था, "सरकार ताज के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने से क्यों हिचक रही है. इसके पक्ष में मतदान होने से ताजमहल और भारत को ही फ़ायदा होगा." पिछले कुछ वर्षो के दौरान ही भारत में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. सरकारी आँकड़ों के मुताबिक दो साल पहले तक भारत में लगभग 40 लाख पर्यटक आते थे. हालाँकि यह आँकड़ा कई दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से भी कम है. |
इससे जुड़ी ख़बरें दो और भारतीय फ़िल्में पाकिस्तान जाएँगी08 फ़रवरी, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस ताजमहल पर वक्फ़ के दावे को चुनौती12 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस ताजमहल की सुरक्षा के लिए कैमरे10 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'ताजमहल वक्फ़ बोर्ड की संपत्ति है'14 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस ऐतिहासिक इमारतें और धर्म13 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||