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ताजमहल की सुरक्षा के लिए कैमरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताजमहल की सुरक्षा बढ़ाने के मद्देनज़र वहाँ जल्द निगरानी कैमरे लगाए जाएँगे. सामाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार यह फ़ैसला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक सी बाबू राजीव और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ़) के महानिरीक्षक राधाकृष्णन की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया. सीएसआईएफ़ पर ताजमहल की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है और उसका सुझाव था कि इस ऐतिहासिक इमारत के अंदर और आसपास की गतिविधियों पर नज़र के लिए निगरानी कैमरे लगाए जाएँ. पुरातत्व सर्वेक्षण अधिकारियों के अनुसार पुरातत्व विभाग के महानिदेशक इससे सहमत हो गए हैं और उन्होंने आधिकारिक रूप से अनुरोध करने का सुझाव दिया है. अधिकारियों का कहना है कि ताजमहल के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से की ओर बंकर बनाने का सुझाव आया था लेकिन इस पर सहमति नहीं हो पाई. ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ताजमहल को चांदनी रात में खोलने की अनुमति दी गई है. 1984 में चरमपंथी हमलों की आशंका के कारण सरकार ने इसे बंद करने का निर्णय लिया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा के इंतज़ाम के निर्देश देकर इसको खोलने की अनुमति दे दी और इसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सीआईएसएफ़ को सौंप दी. अदालत ने सुरक्षा के कई अन्य निर्देश दिए हैं और कहा है कि निर्देशों का उल्लंघन होने पर यह अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी. |
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