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अफ़ग़ान नागरिकों को बचाने की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रेडक्रॉस का कहना है कि बढ़ते संघर्ष की स्थिति और असुरक्षा के चलते अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति बदतर होती जा रही है. एक बयान में रेडक्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति (आईसीआरसी) ने कहा है कि वहाँ सुरक्षा की स्थिति लगातार ख़राब होती जा रही है और नागरिक असहनीय पीड़ा झेल रहे हैं. रेडक्रॉस का कहना है कि ऐसा सिर्फ़ आत्मघाती हमलों और सड़कों के किनारे बिछी बारूदी सुरंग की वजह से नहीं हो रहा है, बल्कि नैटो के हवाई हमलों के कारण भी हो रहा है. संस्था ने सभी पक्षों से अपील की है वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए और उपाय करें. उल्लेखनीय है कि अफ़ग़ानिस्तान में हज़ारों अंतरराष्ट्रीय सैनिक तैनात हैं और वहाँ अरबों डॉलर की सहायता राशि खर्च की जा रही है. चिंताजनक स्थिति आईसीआरसी के निदेशक पियरे क्राहेनबल का कहना है कि पूरे देश में हिंसा बढ़ती जा रही है. उनका कहना है, "संघर्ष का दायरा बढ़ता जा रहा है, अब यह देश के नए हिस्सों में फैल गई है और सिर्फ़ देश के दक्षिणी हिस्से तक सीमित नहीं है." उन्होंने कहा, "अगर लोगों के लिहाज़ से सोचें तो मारे जाने वाले लोगों, घायल होने वाले लोगों और विस्थापित होने वाले लोगों की दृष्टि से यह चिंताजनक स्थिति है." आईसीआरसी का कहना है कि कोई भी पक्ष लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं कर रहा है. देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से से हज़ारों लोग लड़ाई से बचने के लिए अपना घर छोड़कर जा रहे हैं. संस्था का कहना है कि युद्ध में घायल होने वाले लोगों के इलाज के लिए रेडक्रॉस चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ा रहा है. आईसीआरसी का कहना है कि इसी समय अफ़ग़ान और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों ने ज़्यादा लोगों को हिरासत में ले रखा है. सात अफ़ग़ान सिपाही मरे अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि गोलीबारी की एक घटना में अफ़ग़ान पुलिस के सात सिपाहियों की मौत हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि इस गोलीबारी मे अमरीकी सैनिक शामिल हैं. उनका कहना है कि देश के पूर्वी भाग में एक पुलिस पोस्ट पर सोमवार की रात हुई गोलीबारी में कम से कम चार सिपाही घायल भी हुए हैं. इस घटना के विवरण अस्पष्ट हैं और अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अमरीकी फ़ौज की ओर से अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है. उधर नैटो के अधिकारियों का कहना है कि एक अन्य घटना में उनका एक सैनिक विस्फोट में मारा गया है. यह घटना देश के दक्षिणी भाग में हुई. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका ने 'वार ज़ार' नियुक्त किया 16 मई, 2007 | पहला पन्ना सैनिकों की तैनाती की समयसीमा बढ़ी11 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान को 'अतिरिक्त सहायता'26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग दिशाहीन हुई09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान में नाकाम रही रणनीति 09 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना जुझारू नेता माने जाते हैं करज़ई05 दिसंबर, 2001 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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