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करज़ई को निशाना बनाकर रॉकेट हमले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई तालेबान के एक रॉकेट हमले में बच गए हैं. यह रॉकेट हमला उस समय हुआ जब वे ग़ज़नी प्रांत में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि एक के बाद एक कई रॉकेट सभास्थल के पास आकर गिरे लेकिन सौभाग्यवश कोई हताहत नहीं हुआ. रॉकेटों के गिरने के बाद श्रोताओं की भीड़ में भगदड़ मच गई लेकिन हामिद करज़ई ने उनसे शांत रहने का अनुरोध किया और अपना भाषण पूरा किया. पिछले दो वर्ष में हामिद करज़ई की हत्या की दो नाकाम कोशिशें हो चुकी हैं, इस हमले के बाद हामिद करज़ई को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस काबुल लाया गया. टकराव अफ़ग़ानिस्तान में तैनात उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने कम से कम तीस 'तालेबान लड़ाकों' को मारने का दावा किया है. अधिकारियों के अनुसार बदग़िस प्रांत में तालेबान लड़ाकों ने एक सुरक्षा चौकी पर हमला किया. इसके बाद सुरक्षाबलों के साथ हुई लड़ाई में ये लोग मारे गए. छह घंटे तक चली इस लड़ाई में दो पुलिसकर्मियों की भी मौत हुई है. अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने मुरग़ाब ज़िले को फिर से अपने नियंत्रण में कर लिया है. हालाँकि तालेबान के प्रवक्ता ने दावा किया कि ये इलाक़ा अब भी उनके नियंत्रण में है. अफ़ग़ानिस्तान में अन्य घटनाओं में दक्षिणी शहर कंधार में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक अफ़ग़ान जनरल दाउद सालेह की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके अलावा हेलमंद प्रांत में तालेबान के हमले में एक ब्रिटिश सैनिक भी मारा गया. हेलमंद में तालेबान लड़ाके सबसे अधिक सक्रिय हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान बना अल क़ायदा का मुख्यालय'12 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना निर्दोषों को मारना बड़ी ग़लती थीः नैटो03 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना 'मृत' मसरी का कथित टेप जारी05 मई, 2007 | पहला पन्ना पोलैंड नैटो को एक हज़ार सैनिक और देगा14 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना अल मसरी के घायल होने की ख़बरें16 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान को 'अतिरिक्त सहायता'26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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