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पोलैंड नैटो को एक हज़ार सैनिक और देगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पोलैंड ने घोषणा की है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में नैटो शांति सेना में एक हज़ार सैनिक और भेजेगा और ये सैनिक अगले साल भेजे जाएंगे. पोलैंड के 100 सैनिक पहले से ही नैटो शांति सेना के हिस्से के रूप में अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं लेकिन अतिरिक्त एक हज़ार सैनिक फ़रवरी 2007 से पहले नहीं पहुँच पाएंगे. ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सेना के कमांडरों ने वहाँ गंभीर हालात को देखते हुए माँग की थी कि नैटो देश लगभग ढाई हज़ार अतिरिक्त सैनिक मुहैया कराएँ और इसी सिलसिले में बुधवार को कमांडरों की बेल्जियम में एक बैठक भी हुई थी. अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में नैटो सेनाओं को तालेबान से भीषण लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है और इस लड़ाई में नैटो के सैनिक भी मारे जा रहे हैं जिनकी संख्या बढ़ती जा रही है. अफ़ग़ानिस्तान में लगभग साढ़े 18 हज़ार विदेशी सैनिक तैनात हैं जिनमें मुख्यतः नैटो सैनिक हैं. लगभग इतनी ही संख्या में अमरीकी सैनिक भी अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं. इनमें से लगभग आधे सैनिक अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में तैनात हैं जहाँ कनाडा और ब्रिटेन के सैनिक अमरीकी सैनिकों के साथ मिलकर अभियान चला रहे हैं. पोलैंड के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेज़्ज़ेक लेज़्ज़ाक ने नैटो के लिए अतिरिक्त सैनिक भेजने की घोषणा करते हुए कहा, "हम जानते हैं कि यह एक ख़तरनाक अभियान होगा लेकिन पोलैंड ये भी समझता है कि नैटो को अफ़ग़ानिस्तान में और ज़्यादा सक्रिय होना होगा. हम यह भलीभाँति समझते हैं इसीलिए हमने सेना का आकार बढ़ाने का फ़ैसला किया है." बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चूँकि पोलैंड के सैनिक फ़रवरी 2007 से पहले अफ़ग़ानिस्तान नहीं पहुँच सकेंगे, इसलिए उन देशों पर दबाव जारी रहेगा जो पहले से ही नैटो के लिए सैनिक मुहैया करा रहे हैं. नैटो के सुप्रीम कमांडर ने नैटो देशों से हवाई जहाज़ और हेलीकॉप्टर भी मुहैया कराने के लिए कहा है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सर्दियाँ आने से पहले ऐसा नज़र आना चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता सेना दक्षिणी हिस्से में लड़ाई जीत रही है क्योंकि सर्दियाँ आने पर लड़ाई धीमा पड़ जाएगी लेकिन अगर अतिरिक्त सैनिक तुरंत नहीं मिलते हैं तो वो लक्ष्य पूरा करना मुश्किल नज़र आता है. | इससे जुड़ी ख़बरें नैटो देशों की ठंडी प्रतिक्रिया13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान को लेकर अमरीकी चेतावनी13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में '94 तालेबान मारे गए'10 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिकों की ज़रूरत'07 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के सैनिक बढ़ें'09 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान का युद्ध इराक़ से भीषण'08 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'कंधार में 200 तालेबान लड़ाके मारे गए'03 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ती हिंसा की वजह20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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