|
'अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिकों की ज़रूरत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के कमांडर जनरल जेम्स जोंस ने सदस्य देशों से अनुरोध किया है कि वे दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान के अभियान के लिए और सैनिक उपलब्ध कराएँ. उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण गठबंधन को परेशानी पेश आ रही है. साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि आगामी कुछ सप्ताह तालेबान के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. उनका कहना था कि मोर्चे पर तैनात कमांडरों ने कहा है कि उन्हें सैकड़ों अतिरिक्त सैनिकों और हेलिकॉप्टरों की आवश्यकता है. उन्होंने बेल्जियम में नैटो मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा, '' हम थोड़े और सैनिकों की बढ़ोत्तरी के बारे में बात कर रहे हैं.'' संघर्ष तेज़ ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में नैटो सैनिकों के साथ तालेबान लड़ाकों के साथ संघर्ष तेज़ हुआ है. नैटो सैनिकों ने हाल में अमरीका से अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में सैन्य अभियान की कमान संभाली है. जनरल जोन्स इस सप्ताह के अंत में नैटो देशों के सैन्य अधिकारियों से पोलैंड में मिलनेवाले हैं. उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान तालेबान का गढ़ माना जाता है. ब्रितानी और कनाडा के सैनिकों ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में कमान संभालने के बाद यहाँ हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं और सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. जानकारों का कहना है कि नैटो के लिए यह काम आसान नहीं होगा. ख़ासकर उस स्थिति में जब तालेबान विद्रोही उनके लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नैटो सैनिक नई रणनीति से काम लेंगे'04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस नैटो अफ़ग़ानिस्तान में भूमिका बढ़ाएगा08 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान विमान दुर्घटना में 14 की मौत02 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'कंधार में 200 तालेबान लड़ाके मारे गए'03 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'बड़ी संख्या में तालेबान चरमपंथी मारे गए'20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ती हिंसा की वजह20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||