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नैटो अफ़ग़ानिस्तान में भूमिका बढ़ाएगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर अटलांटिक सैन्य संधि संगठन यानी नैटो के विदेश मंत्रियों के बीच अफ़ग़ानिस्तान में संगठन की भूमिका बढ़ाने के बारे में सहमति हो गई है. गुरूवार की बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में नैटो के विदेश मंत्रियों की बैठक में ये फ़ैसला हुआ. इसके तहत नैटो देश के दक्षिण में 6,000 और सैनिकों को तैनात करेगा जिनमें लगभग एक तिहाई लोग ब्रितानी सैनिक हो सकते हैं. फ़िलहाल नैटो के अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 11,000 सैनिक हैं जो मुख्यतः देश के उत्तर और पश्चिम में तैनात हैं. वहीं अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के लगभग 20,000 सैनिक तैनात हैं. अब अफ़ग़ानिस्तान में नैटो का अभियान यूरोप के बाहर नैटो का सबसे बड़ा अभियान होगा. चिंता समझौते के तहत अफ़ग़ानिस्तान में ब्रिटेन के नेतृत्व वाली नैटो सेना का मुख्यालय काबुल में बनाया जाएगा. बीबीसी के रक्षा संवाददाता का कहना है कि नैटो के कुछ सदस्य देशों में अपने सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता थी जिससे सहमति में मुश्किल भी हुई. संवाददाता का कहना है कि ऐसे देशों की चिंता को ध्यान में रखते हुए इस बात पर ज़ोर दिया गया कि नैटो का काम शांति और स्थिरता का ख़याल रखना होगा ना कि अल क़ायदा और तालिबान के सदस्यों की तलाश. चरमपंथियों की तलाश का काम अभी भी अमरीका की अगुआई वाली सेना के ज़िम्मे होगा जिसने इस अभियान का नाम ऑपरेशन एन्ड्योरिंग फ़्रीडम रखा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अफ़ग़ानिस्तान को सहायता बंद नहीं होगी'01 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस काबुल में आत्मघाती हमले, तीन की मौत14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस दुर्घटना में स्पेनी सैनिक मारे गए16 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस नैटो सेना की बागडोर नए हाथों में04 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस पूर्व कम्युनिस्ट देश नैटो में शामिल हुए02 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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