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गुरुवार, 04 अगस्त, 2005 को 04:45 GMT तक के समाचार
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नैटो सेना की बागडोर नए हाथों में
अफ़ग़ानिस्तान में शांति सेना
हर छह महीने के बाद कमांड बदलती है
अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाली शांति सेना की बागडोर गुरूवार को इटली और ब्रिटेन की एक नई यूनिट के हाथों में आ गई.

पिछले छह महीनों के दौरान क़रीब आठ हज़ार की संख्या वाली शांति सेना का नेतृत्व तुर्की के सैनिक कर रहे थे.

2001 में तालेबान का शासन समाप्त होने के बाद से यह शांति सेना वहाँ तैनात है.

इस शांति सेना में तीस से ज़्यादा देशों के सैनिक शामिल हैं जिसे अगस्त 2003 में नैटो के नेतृत्व में सौंप दिया गया था.

हर छह महीने में इस शांति सेना की कमांड बदलती है. गुरूवार को एक समारोह में यह कमांड तुर्की से इटली और ब्रिटेन की एक नई यूनिट के हाथों में आ गई.

इस बार यह कमांड ऐसे सैनिकों के हाथों में आई है जिन्हें नैटो में तेज़ कार्रवाई के लिए जाना जाता है.

इस यूनिट में ज़्यादातर सैनिक इटली के हैं और उसका कमांडर भी. लेकिन उसका डिप्टी कमांडर ब्रितानी है जो अफ़ग़ानिस्तान से भली-भाँति परिचित है.

इस ब्रितानी कमांडर का नाम है मेजर जनरल रोजर लेन, जिन्होंने 2002 में वहाँ ब्रिटेन की शाही मरीन सेना का नेतृत्व किया था.

अगले क़रीब डेढ़ महीने में अफ़ग़ानिस्तान में संसदीय चुनाव होने हैं जिनके लिए सुरक्षा इंतज़ाम एक बड़ी चुनौती होगी.

इस बार सुरक्षा चौकसी का मुख्य ध्यान संसदीय चुनावों पर ही रहेगा. मदद के लिए अतिरिक्त सैनिक भी भेजे जा रहे हैं.

नैटो ने चुनाव की तारीख़ नज़दीक आते-आते सैनिकों की संख्या दस हज़ार करने का वादा किया है.

मुख्य ख़तरा अब भी अल क़ायदा और तालेबान से है जिन पर इस साल हिंसा में आई तेज़ी का आरोप लगाया जाता है. इस साल हिंसा में आई तेज़ी में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है.

इनमें से ज़्यादातर मौतें दक्षिणी और पूर्वी सीमावर्ती इलाक़ों में हुई हैं जहाँ अमरीकी नेतृत्व वाले सेना के क़रीब 19 हज़ार सैनिक तैनात हैं.

अंतरराष्ट्रीय शांति सेना के ज़्यादातर सैनिक राजधानी काबुल में ही तैनात हैं. इसकी कुछ छोटी-छोटी यूनिटें उत्तरी और पूर्व इलाक़ों में भी तैनात हैं जहाँ सुरक्षा की ज़्यादा समस्या नहीं है.

लेकिन योजना है कि नैटो सेना धीरे-धीरे समस्या वाले इलाक़ों में भी तैनात की जाएगी.

अमरीकी सेना को इस समय का इंतज़ार है क्योंकि ऐसा होने पर उसके सैनिक समस्याग्रस्त इलाक़ों से हट सकेंगे.

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