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'पाकिस्तान बना अल क़ायदा का मुख्यालय' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख जॉन नेग्रोपॉंटे ने दावा किया है कि चरमपंथी संगठन अल क़ायदा का मुख्यालय अब पाकिस्तान में है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्थित सुरक्षित ठिकाने से ही अल क़ायदा मध्य पूर्व, यूरोप और उत्तरी अफ़्रीका में अपने संगठन को मजबूती देने के प्रयास में लगा है. दुनिया भर में आतंकवादी ख़तरों के सिलसिले में विचार कर रही सीनेट की एक कमेटी के समक्ष नेग्रोपॉंटे ने पहली बार यह खुलासा किया है कि पाकिस्तान में छिपे हुए अल क़ायदा के नेता अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को फैलाने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि चरमपंथी संगठनों में अल क़ायदा अमरीका के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है. वाशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता शाहज़ेब जिलानी का कहना है कि अमरीका इससे पहले ये कहता रहा है कि अल क़ायदा के नेता पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर कहीं छिपे हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि नेग्रोपॉंटे ने यह नहीं बताया है कि अल क़ायदा का ठिकाना पाकिस्तान के किस इलाक़े में है. आगे हैं मुश्किलें जिलानी के मुताबिक नेग्रोपॉंटे ने कहा है कि पाकिस्तान अभी भी इस्लामी चरमपंथियों का गढ बना हुआ है, हालाँकि आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान से अमरीका को सहयोग मिलता रहा है. ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख का कहना था कि पाकिस्तान से चरमपंथी ठिकानों को ख़त्म करना बेहद ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में इस साल होने वाले चुनाव में राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को आंतकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के मसले पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. उधर पाकिस्तान में वरिष्ठ पत्रकार एहतशामुल हक़ का कहना है कि नेग्रोपॉंटे का बयान काफी गंभीर आरोप है. उनका कहना है कि इस आरोप से पाकिस्तान सरकार के लिए काफी मुश्किल स्थिति पैदा हो जाएगी. ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई भी पाकिस्तान सरकार पर तालेबान लड़ाकों को शह देने का आरोप लगाते रहे हैं जिससे पाकिस्तान इनकार करता है. | इससे जुड़ी ख़बरें कौन हैं अल क़ायदा के सूत्रधार?पहला पन्ना इराक़ में अल क़ायदा का नंबर दो पकड़ा गयापहला पन्ना स्पेन के सैनिक जल्दी वापस होंगे18 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना नजफ़ में नए संघर्ष की चेतावनी18 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना स्पेन के नए प्रधानमंत्री ने शपथ ली17 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना इराक़ की कमान नैटो संभाले: कैरी17 अप्रैल, 2004 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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