BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 09 जून, 2007 को 19:11 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'मुशर्रफ़ की मुश्किलें बढ़ाना नहीं चाहता'
मनमोहन सिंह
मनमोहन सिंह ने निकट भविष्य में पाकिस्तान जाने से इनकार किया है
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने निकट भविष्य में पाकिस्तान जाने की संभावना को टालते हुए कहा है कि वो राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की मुश्किलें बढ़ाना नहीं चाहते.

जी आठ देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने जर्मनी गए मनमोहन सिंह चार दिन की यात्रा के बाद शनिवार रात भारत लौट आए.

रास्ते में अपने विशेष विमान में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ कई मुश्किलों से जूझ रहे हैं और वो वहाँ जाकर मुशर्रफ़ के लिए कोई 'पेचीदगी' पैदा नहीं करना चाहते.

उनका कहना था, "मैं निश्चित रुप से पाकिस्तान जाना चाहूंगा लेकिन मेरा मानना है कि मुशर्रफ़ अपने घर में कई तरह की समस्यायों का सामना कर रहे हैं और मैं इसे और पेचीदा बनाना नहीं चाहता."

प्रधानमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के आंतरिक शासकीय मामलों में वो हस्तक्षेप नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा, "हम किसी भी रुप में पाकिस्तान की शासकीय प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते. पाकिस्तान में जो भी सत्ता में हो, हम उनसे बात करेंगे."

राष्ट्रपति चुनाव

राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर उनका कहना था कि वो आम सहमति से नया राष्ट्रपति चुनने के पक्ष में हैं.

 मैं निश्चित रुप से पाकिस्तान जाना चाहूंगा लेकिन मेरा मानना है कि मुशर्रफ़ अपने घर में कई तरह की समस्यायों का सामना कर रहे हैं और मैं इसे और पेचीदा बनाना नहीं चाहता
मनमोहन सिंह

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस बार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन(यूपीए) के प्रत्याशी का समर्थन करने की बारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की है.

प्रधानमंत्री का कहना था कि सर्वसम्मति से राष्ट्रपति का चुनाव करने का एनडीए का विचार अच्छा है लेकिन इस बार उसे यूपीए और वामपंथी दलों के प्रत्याशी को समर्थन देना होगा.

उन्होंने कहा कि पिछली बार जब एनडीए ने एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाने की बात कही थी तब कांग्रेस ने विपक्ष में होने के बावजूद उनका समर्थन किया था.

'वेतन पर नियंत्रण नहीं'

प्रधानमंत्री ने इस बात से भी इनकार किया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट जगत में दिए जा रहे वेतन भत्तों को नियंत्रित करने की योजना बना रही है.

उनका कहना था, "मैंने ये बात नहीं कही थी कि सरकार वेतन पर नियंत्रण करने की कोई योजना थोपने जा रही है."

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मामला तब उठा जब कॉरपोरेट जगत ने ही उनसे सुझाव मांगा था कि वे देश के लिए क्या कर सकते हैं.

गौरतलब है कि भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की सालाना बैठक में मनमोहन सिंह ने उद्योग जगत के बड़े अधिकारियों से अनुरोध किया था कि वे ख़ुद को और अपने सहयोगी अधिकारियों को भारी-भरकम वेतन और सुविधाएँ देने से बचें.

इससे जुड़ी ख़बरें
परमाणु करार पर भारत को उम्मीद
18 मई, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>