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कृषि तकनीकी के पिछड़ेपन पर चिंता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार ने कृषि क्षेत्र में सुस्त रफ़्तार पर चिंता जताई और कहा कि इसकी वजह तकनीकी पिछड़ापन है. राजधानी में राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की 53वीं बैठक में मनमोहन सिंह ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया कि कृषि उत्पादन बढ़ाने की उनकी योजनाओं में केंद्र उनकी मदद करने का इच्छुक है. उन्होंने कहा कि छोटी जोत में खेती अब फायदेमंद नहीं रही और जब तक खेती को लाभपूर्ण नहीं बनाया जाएगा तब तक ग्रामीण ग़रीबी और असमानता को दूर करना 'असंभव' है. निवेश प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी निवेश को इस नज़रिए से देखा जाना चाहिए कि सब्सिडी बढ़ रही हैं और निवेश घट रहा है. उन्होंने कहा, "सबसे निराशाजनक बात यह रही कि पिछले कुछ वर्षों में कृषि उत्पादन तकनीकी में ख़ास काम नहीं हुआ है. कृषि क्षेत्र में तकनीकी पिछड़ापन है और इस पर ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है." प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीसी को खाद्य सुरक्षा मिशन शुरू करने पर भी विचार करना चाहिए ताकि गेहूँ, दालों और खाद्य तेलों की कीमतें काबू में रहें. मनमोहन सिंह ने फसल की कटाई और अगली फसल की रोपाई के बीच के फासले को कम करने की ज़रूरत पर बल देते हुए कहा कि कई राज्यों में तो यह अंतर 40 से 100 फ़ीसदी तक है. उन्होंने कहा कि अगले तीन-चार साल में फसल उत्पादन उसी सूरत में हो सकता है, जब इस फासले को कम किया जाए और कृषि क्षेत्र का विस्तार हो. प्रधानमंत्री ने कहा, "इस फ़ासले को पाटने के लिए खेती के अनुकूल जलवायु और अन्य परिस्थितियों के मद्देनज़र स्थानीय और राज्य स्तर पर नीतियाँ बनाने की ज़रूरत है." उन्होंने कहा कि एनडीसी की समितियों ने कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए बहुत मेहनत से काम किया है और विभिन्न मुख्यमंत्रियों की अध्यक्षता में उप समितियों का गठन किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें विकास को लग सकता है झटका: मनमोहन 28 मई, 2007 | भारत और पड़ोस न्यायपालिका सीमा में रहे: प्रधानमंत्री08 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गांधी भविष्य हैं: मनमोहन सिंह16 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'धर्म के आधार पर भड़काना धोखा है'21 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस मनमोहन सिंह निर्विरोध निर्वाचित17 मई, 2007 | भारत और पड़ोस असंगठित श्रमिकों के लिए विधेयक24 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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