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मनमोहन सिंह निर्विरोध निर्वाचित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह लगातार चौथी बार राज्यसभा के लिए असम से चुन लिए गए हैं. उन्हें निर्विरोध चुन लिया गया क्योंकि किसी दल ने उनके ख़िलाफ़ अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया था. चुनाव अधिकारी जीपी दास ने प्रधानमंत्री को निर्वाचित घोषित किया, पहले उनके ख़िलाफ़ पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में थे लेकिन वे बाद में मुक़ाबले से हट गए. मतंग सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री जी का मैं बहुत सम्मान करता हूँ इसलिए मैं अपनी उम्मीदवारी वापस ले रहा हूँ." राज्यसभा चुनाव दरअसल 24 मई को होने वाले थे लेकिन नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और असम गण परिषद के कुमार दीपक दास को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया. मनमोहन सिंह असम से पहली बार 1991 में राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे. उसके बाद से वे लगातार असम का प्रतिनिधित्व संसद के ऊपरी सदन में करते रहे हैं. मनमोहन सिंह 1991 से 1996 तक नरसिंह राव के मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री थे और उन्होंने आर्थिक उदारीकरण की शुरूआत की थी. वर्ष 2004 में मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री बने जब सोनिया गाँधी ने विदेशी मूल को लेकर उठे विवाद के बाद प्रधानमंत्री न बनने की घोषणा कर दी. कुमार दीपक दास राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार थे और वे पहली बार राज्यसभा में पहुँचे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश-मनमोहन की परमाणु मुद्दे पर बात07 मई, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में 'गुंडागर्दी' चरम पर01 मई, 2007 | भारत और पड़ोस न्यायपालिका सीमा में रहे: प्रधानमंत्री08 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस राहुल गांधी भविष्य हैं: मनमोहन सिंह16 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस असम धमाका: एक की मौत, 12 घायल08 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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