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राजस्थान: जयपुर-आगरा राजमार्ग खुला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गूजर नेताओं के आंदोलन समाप्त करने की घोषणा के बाद राजस्थान में स्थिति सामान्य होती जा रही है. राजस्थान के विभिन्न राजमार्गों से अवरोधों को हटाने का काम शुरू हो गया है. इस आंदोलन की वजह से 29 मई से बंद जयपुर-आगरा राजमार्ग पांच जून को खुल पाया. यहाँ फंसे सैकड़ों ट्रकों की आवाजाही मंगलवार से शुरु हो गई है. दूसरी ओर गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने पीपलखेड़ा में एक सभा कर लोगों को राजस्थान सरकार के साथ हुए समझौते के बारे में जानकारी दी. गूजर नेताओं ने मृतकों की स्मृति में एक स्मारक बनाने और हर साल 29 मई को शहीदी दिवस मनाने का भी फ़ैसला किया. समझौता इसके पहले सोमवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ समझौते के बाद गूजर नेताओं ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री ने एक आयोग गठन करने की घोषणा की थी जो गूजरों के आरक्षण की मांग के बारे में एक रिपोर्ट केंद्र सरकार को देगी. पिछली 29 मई से राजस्थान में गूजर समुदाय ने अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. राजस्थान में गूजरों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में रखा गया है लेकिन वे अनुसूचित जनजाति के तहत मिलने वाली आरक्षण सुविधा की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर राजस्थान का मीणा समुदाय इसका विरोध कर रहा था. इस पर दोनों समुदायों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं. इस आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 23 लोगों की जानें गईं. |
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