|
एवरेस्ट से कूड़ा कम करने की कोशिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक जापानी पर्वतारोही ने एवरेस्ट पहाड़ी पर फैले कूड़े को कम करने के लिए एक अनोखा अभियान शुरू किया है. केन नोगुची नाम का ये जापानी पर्वतारोही एवरेस्ट से कूड़ा नीचे लाकर लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए कूड़े का प्रदर्शन करेगा. नोगुची ने एवरेस्ट पर चढ़ाई कर वहाँ पर फ़ैले टिन, खाद्य पदार्थों, दवाइयाँ और टेंट में से 500 किलोग्राम कूड़ा इकट्ठा किया. जापानी और नेपाली पर्वतारोहियों के एक दल के साथ गए नोगुची पाँच बार एवरेस्ट पर चढ़ाई कर चुके हैं और लगभग 9000 किलोग्राम कूड़ा नीचे ला चुके हैं. एवरेस्ट को अक्सर 'दुनिया का सबसे ऊँचा कूड़ेदान' भी कहा जाता है. जागरुकता नोगुची ने कहा कि वो एवरेस्ट पर फेंके जा रहे इस कूड़े का टोकियो और सियोल में प्रदर्शन करेंगे. इसके माध्यम से वो विश्व की सबसे प्रसिद्ध पहाड़ी को साफ़ रखने की लोगों से अपील करेंगे. नोगुची ने ऐसोसिएटेड प्रेस समाचार एजेंसी को बताया,"इस साल सफ़ाई के लिए की गई चढ़ाई के दौरान मैंने पाया कि पहाड़ी पर होने वाले कूड़े में भारी कमी आई है." कुछ रिपोर्टों के अनुसार एवरेस्ट पहाड़ी पर क़रीब 50 टन कूड़ा है जो पिछले 54 सालों में इकट्ठा हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि एवरेस्ट की इतनी ऊँचाई, बर्फ़ और ऑक्सीजन की कम मात्रा की वजह से पर्वतारोहियों को पहाड़ी से लौटते समय फ़ालतू और बाकी बचा सामान वापस लाने में परेशानी होती है. पिछले सालों में नेपाल सरकार ने दुनिया की इस सबसे ऊँची चोटी को साफ़ रखने के लिए एक गंभीर प्रयास किया है. इसके तहत पर्वतारोहियों को चढ़ाई शुरू करने से पहले एक निश्चित धनराशि जमा करनी पड़ेगी और वो तभी वापस मिलेगी जब पर्वतारोही कूड़ा भी अपने साथ लाएंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें कूड़े का 'सबसे ऊँचा' पहाड़ हटेगा08 जून, 2004 | भारत और पड़ोस तेज़ चढ़ाई का रिकॉर्ड पेम्बा के ही नाम16 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस एवरेस्ट पर सबसे तेज़ चढ़ने का रिकॉर्ड21 मई, 2004 | भारत और पड़ोस एवरेस्ट पर चढ़ाई का नया रिकॉर्ड17 मई, 2004 | भारत और पड़ोस एवरेस्ट पर चढ़ने का विश्व रिकार्ड19 मई, 2006 | भारत और पड़ोस एवरेस्ट पर चढ़ाई का नया रिकॉर्ड16 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||